डुमरियागंज थाना क्षेत्र के एक गांव में हुई थी घटना
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। जनपद एवं सत्र न्यायाधीश संजय कुमार मलिक ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने के आरोपी की पर्याप्त आधार न होने की दशा में जमानत खारिज कर दिया है। घटना डुमरियागंज थाना क्षेत्र के एक गांव की है।
डुमरियागंज क्षेत्र के एक गांव निवासी 19 वर्षीय पीड़िता के दिए तहरीर के अनुसार लगभग दो साल से उसे ग्राम तेलौरा थाना गोल्हौरा निवासी बिलास शादी का झांसा देकर उससे दुष्कर्म करता रहा। वह जब भी शादी के लिए कहती तो बिलास आज कल परसों पर टाल देता था। उसके साथ बिलास ने कई बार शारीरिक संबंध बनाया। जानकारी होने पर घरवालों ने बिलास और उसके परिजनों से शादी की बात की। जिस पर इन्कार कर दिया गया। पुलिस ने केस दर्जकर विवेचना शुरू किया और पीड़िता को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर बयान दर्ज करवाया। साथ ही चिकित्सकीय परीक्षण करवाते हुए अभियोजन के समर्थन में साक्ष्य संकलित करके आरोप पत्र तैयार किया जो अभी न्यायालय में दाखिल नहीं हुआ है।
न्यायालय ने आरोपी की जमानत प्रार्थना पत्र की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं का तर्क सुना और पुलिस द्वारा प्रस्तुत केस डायरी व अन्य प्रपत्रों का अवलोकन किया। न्यायालय ने कहा कि विवेचक ने अभियुक्त के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने के आधार पर आरोपपत्र तैयार किया है, यद्यपि आरोपपत्र अभी न्यायालय में दाखिल नहीं किया गया है, लेकिन केस डायरी के साथ संलग्न है। अभिलेखानुसार मामला गंभीर प्रकृति के अपराध शादी का झांसा देकर बलात्कार किए जाने से संबंधित है। ऐसी स्थिति में मामले के समस्त तथ्यों, परिस्थितियों एवं उपलब्ध साक्ष्य व सामग्री के दृष्टिगत अभियुक्त को जमानत पर छोड़े जाने का पर्याप्त आधार नहीं है। कहते हुए जमानत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिया। राज्य सरकार की तरफ से पीड़िता की पैरवी जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अखिलेश नारायण श्रीवास्तव ने किया।