आए मरीज का इलाज कराने, खुद हो गए बीमार
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल का हाल
रैन बसेरा नहीं होने से गैलरी और मरीजों के बेड के बीच में फर्श पर लेटते हैं तीमारदार
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकस कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में रैन बसेरे की व्यवस्था नहीं है। ऐसे में अस्पताल में भर्ती मरीजों के तीमारदारों को काफी परेशानी होती है। वे गैलरी अथवा बेड के पास बैठकर या फर्श पर लेटकर रात गुजारते हैं। इस दौरान रोगियों के संपर्क में आने से आए दिन तीमारदार बीमार हो रहे हैं।
माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में महिला वार्ड समेत 330 बेड हैं। आईसीयू, एसएनसीयू, पीआईसीयू, इमरजेंसी, बर्न, सर्जिकल और जनरल वार्ड में आमतौर पर 200 मरीज भर्ती रहते हैं। हर मरीज के एक-दो तीमारदार अस्पताल में रहते हैं, लेकिन उनके लिए कोई व्यवस्था नहीं है। रैन बसेरा नहीं होने से तीमारदारों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। दिन में वक्त इधर-उधर बैठकर कट जाता है, लेकिन रात के समय नींद सताने पर तीमारदार गैलरी में अथवा अपने मरीज के बेड के पास फर्श पर ही लेट जाते हैं। एनएनसीयू और पीआईसीयू से लेकर जनरल वार्ड तक स्थिति ऐसी ही बनी रहती है।
मरीजों के बेड के पास सोने से तीमारदारों के संक्रमित होने का खतरा बना रहता है। आए दिन तीमारदार बीमार भी हो रहे हैं। राजदीप ने अपने बच्चे को एसएनसीयू वार्ड में भर्ती कराया है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में तीमारदार के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। मरीजों के बीच रहने की वजह से वे बुखार से पीड़ित हो गए। डॉक्टर को दिखाकर दवा लेनी पड़ी। उसका क्षेत्र के रहने वाले अतीउल्लाह ने बताया कि जनरल वार्ड में उनका परिजन भर्ती है। अस्पताल में रहने की वजह से वे खुद बीमार हो गए। नागेंद्र यादव का परिजन जनरल वार्ड में भर्ती है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में तीमारदार के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। दिलबहार ने भी यही परेशानी बताई। उनका परिजन इमरजेंसी वार्ड में भर्ती है।
मेडिकल कॉलेज में भर्ती होने वाले मरीजों के तीमारदारों के लिए रैन बसेरा बनाने की कवायद शुरू हो गई है। जगह देखी जा रही है। जल्द ही निर्माण शुरू करवा दिया जाएगा।
- डॉ. सलिल कुमार श्रीवास्तव प्राचार्य, माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज