सहायता प्राप्त तीन विद्यालयों का सवा-सवा करोड़ और चार संस्कृत विद्यालयों का 25-25 लाख से होगा कायाकल्प
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। कायाकल्प योजना के तहत माध्यमिक और संस्कृत विद्यालयों की जल्द ही तस्वीर बदलनी शुरू हो जाएगी। जिले के तीन माध्यमिक और चार संस्कृत विद्यालयों के कायाकल्प और 11 राजकीय विद्यालयों के बाउंड्रीवाल बनाने की कागजी कार्रवाई पूरी हो चुकी है। इसी माह के अंत तक धनराशि आ जाएगी और काम शुरू हो जाएगा।
बेसिक शिक्षा विभाग में चल रही कायाकल्प योजना की तरह सरकार माध्यमिक शिक्षा परिषद और संस्कृत विद्यालयों के कायाकल्प पर जोर दे रही है। माध्यमिक शिक्षा परिषद के सहायता प्राप्त विद्यालयों को बनाने के लिए 75 प्रतिशत धनराशि खुद दे रही हैं। जबकि 25 प्रतिशत धनराशि विद्यालयों को खर्च करना है। इसी प्रकार संस्कृत विद्यालयों में 95 प्रतिशत धनराशि सरकार दे रही है। पांच प्रतिशत धनराशि विद्यालय प्रबंधन को लगाना है। लेकिन विद्यालयों की ओर से इसमें रुचि नहीं ली जा रही थी। 25 और पांच प्रतिशत राशि पहले जमा करना है, इसलिए विद्यालय प्रबंधन आगे नहीं आ रहा था। इसी बीच जिला विद्यालय निरीक्षण की ओर से समीक्षा की गई।
विद्यालय के प्रबंधक और प्रधानाचार्य को प्रेरित किया। इसके बाद चार संस्कृत विद्यालय और तीन सहायता प्राप्त विद्यालय कायाकल्प की प्रक्रिया पूरी की है। इसी प्रकार 11 राजकीय विद्यालय के बाउंड्रीवाल के लिए कागजी कार्रवाई पूरी होकर शासन को चला गया है। इसी माह के आखिरी सप्ताह तक धनराशि आने की उम्मीद है। इसके बाद निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक सोमारू प्रधान ने बताया कि संस्कृत और सहायता प्राप्त सहित सात विद्यालयों के कायाकल्प की कागजी कार्रवाई पूरी हो चुकी है। धनराशि भी जल्द आ जाएगी और निर्माण शुरू हो जाएगा।