फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Siddharthnagar News: एसपी को हटाने की मांग को लेकर धरने पर बैठे अपना दल विधायक

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
-विधायक ने एसपी और पुलिस पर जनता के उत्पीड़न व भ्रष्टाचार के आरोप लगाए
-नगर पालिका परिषद कार्यालय के सामने बैठे शोहरतगढ़ के विधायक विनय वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। एसपी प्राची सिंह पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर उन्हें हटाने की मांग करते हुए शोहरतगढ़ से अपना दल (एस) के विधायक विनय वर्मा मंगलवार शाम बेमियादी धरने पर बैठ गए। सिद्धार्थ तिराहा स्थित नगर पालिका परिषद कार्यालय के सामने महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करके उन्होंने धरने की शुरुआत की। उन्होंने दो टूक कहा कि जब तक एसपी को हटाया नहीं जाएगा उनका धरना जारी रहेगा।
शाम चार बजे से धरने पर बैठे विधायक ने कहा कि पुलिस अधीक्षक और उनके मातहतों की जनविरोधी कार्यप्रणाली के विरोध में उन्हें धरना देने के लिए विवश होना पड़ा। वह जनता की लड़ाई लड़ रहे हैं, क्योंकि थानों में पीड़ितों के खिलाफ ही केस दर्ज करके प्रताड़ित किया जा रहा है। विधायक का आरोप है कि उनके विधानसभा क्षेत्र के थानों की पुलिस अवैध खनन के साथ ही ड्रग्स आदि की तस्करी करने वालों पर जानबूझ कर कार्रवाई नहीं कर रही है। पुलिस अधीक्षक भी इस बारे में मौन हैं। विधायक का आरोप है कि अवैध खनन के मामले में उनकी पैरवी के बावजूद पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए केस नहीं दर्ज किया गया, बल्कि बस्ती में आयाेजित समीक्षा बैठक में भी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को गलत सूचना दी गई।
विज्ञापन


धरने को लेकर रही असमंजस की स्थिति

नगर पालिका परिषद कार्यालय के सामने सुबह 9 बजे ही विधायक के धरने के लिए टेंट लगा दिया गया, लेकिन धरना स्थगित करने के लिए अधिकारियों और विधायक के बीच बातें होती रहीं। इस मामले में भाजपा जिलाध्यक्ष कन्हैया पासवान ने विधायक के साथ ही जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर के साथ भी बैठक की। जिलाधिकारी से बातचीत के बाद धरने को लेकर असमंजस की स्थिति थी और विधायक अपने समर्थकों के साथ तीन घंटे तक भाजपा कार्यालय में बैठे रहे, लेकिन 3 बजे विधायक ने धरना शुरू करने की घोषणा कर दी और उनके समर्थक भी पहुंचने लगे।


विधायक को पता नहीं और हट गया टेंट

उधर, नगर पालिका परिषद कार्यालय के सामने सुबह 9 बजे लगाया गया टेंट सुबह 11 बजे तक हटा दिया गया। इस मामले में विधायक ने आरोप लगाया कि पुलिस ने टेंट हटवा दिया, जबकि सीओ अरुणकांत सिंह ने कहा कि टेंट हटवाने में पुलिस की भूमिका नहीं है। जब विधायक धरना देने पहुंचे तो उन्होंने दरी खरीदवाई और अपने समर्थकों के साथ धरना पर बैठ गए।


पार्टी ने धरना से कसा किनारा

अपना दल एस के प्रदेश अध्यक्ष राजकुमार पाल ने मंगलवार को जारी विज्ञप्ति में कहा कि पार्टी के विधायक विनय वर्मा के धरने के बारे में जानकारी मिली है। इस धरने से पार्टी का कोई लेना देना नहीं है। पार्टी के किसी भी सदस्य को इसमें भाग लेने की अनुमति नहीं है। कार्यवाहक जिलाध्यक्ष आत्माराम पटेल ने यह जानकारी दी। मालूम हो कि जिले में अपना दल एस की कार्यकारिणी मार्च 2022 से ही भंग है।



विधायक का आरोप-दलाली का अड्डा बन गए हैं थाने
मेरे विधानसभा क्षेत्र से लेकर जिले के अन्य थाने दलाली का अड्डा बन गए हैं। कप्तान खुलेआम थाना बेच रही हैं। थानों में विधायकों को सम्मान नहीं मिल रहा है। मुख्यमंत्री से भी झूठ बोला जा रहा है। मुख्यमंत्री को तय करना होगा कि जनता और विधायक महत्वपूर्ण हैं या कप्तान। मैंने कभी थानाध्यक्ष बनाने के लिए नहीं बोला, लेकिन जो अच्छा काम नहीं करता है, उसे हटाने की मांग करता हूं। जब तक कप्तान को नहीं हटाया जाएगा, तब तक मैं धरने पर बैठूंगा।
विनय वर्मा, विधायक, अपना दल (एस), शोहरतगढ़
-
एसपी बोलीं-उच्चाधिकारियों से लिखित शिकायत करें विधायक
विधायक शोहरतगढ़ मेरे और पुलिस के खिलाफ जो भी आरोप लगा रहे हैं, उसकी उन्हें उच्चाधिकारियों से लिखित शिकायत करनी चाहिए ताकि जांच हो जाए और उसके बाद कार्रवाई हो। विधायक जैसे जिम्मेदार पद पर बैठे व्यक्ति को मीडिया में किसी अधिकारी के विरुद्ध ऐसी व्यक्तिगत टिप्पणी करना शोभा नहीं देता है।
विज्ञापन

-प्राची सिंह, पुलिस अधीक्षक

विधायक के आरोपों पर पुलिस महानिरीक्षक करेंगे जांच
सिद्धार्थनगर।
विधायक विनय वर्मा ने तीन दिन पहले विधानसभा अध्यक्ष को पत्र भेजकर मंगलवार से धरने पर बैठने की जानकारी दी थी। इसमें उन्होंने विधायक के विशेषाधिकार हनन की शिकायत भी की। उन्होंने मांग की थी कि उनसे अमर्यादित भाषा में बात करने वाले शोहरतगढ़ थानाध्यक्ष को निलंबित करके पुलिस अधीक्षक के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। उनके पत्र को संज्ञान में लेते हुए विधानसभा सचिवालय के प्रमुख सचिव प्रदीप कुमार दुबे ने 9 सितंबर को पत्र जारी कर पुलिस महानिरीक्षक को जांच सौंपकर तत्काल रिपोर्ट मांगी है। प्रमुख सचिव ने पुलिस महानिरीक्षक से अवैध बालू खनन में लगे ट्रैैक्टर पलटने और आग लगने से चालक की मृत्यु होने पर मुकदमा दर्ज नहीं करने, थानाध्यक्षों को विधायक की बात न सुनने एवं शोहरतगढ़ थानाध्यक्ष द्वारा विधायक के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी करने एवं जानकारी देने के बाद भी पुलिस अधीक्षक की ओर से कार्रवाई नहीं करने की शिकायतों पर जांच कर जल्द से जल्द रिपोर्ट देने को कहा है। संवाद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें