धान की फसल को देखते कृषि विज्ञान केंद्र सोहना के वैज्ञानिक।
सिद्धार्थनगर। पिछले सप्ताह उमस व गर्मी के बाद जिले में हो रही रिमझिम बारिश से किसान काफी खुुश हैं। कीटों से प्रभावित धान के लिए यह बारिश किसी वरदान से कम नहीं है। वहीं बादलों के छाए रहने और रुक-रुककर हो रही बारिश से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। अब तक 30 डिग्री सेल्सियस के ऊपर रहने वाला तापमान 28 डिग्री से नीचे पहुंच गया है।
कृषि विज्ञान केंद्र सोहना के कृषि वैज्ञानिक फसल सुरक्षा डॉ प्रदीप कुमार ने बताया कि इस बरसात से धान की फसल को फायदा हो रहा है। दूसरा धान की फसल में अगर पत्ता लपेट यानी लीफ फोल्डर कीट का यदि कोई प्रकोप है भी तो वह इससे नियंत्रित हो जाएगा। उनके अनुसार यह बारिश धन की फसल के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है। कई दिन से बारिश न होने से आसमान की ओर टकटकी लगाए किसानों को लगातार दो दिनों से रुक-रुककर हो रही बारिश से बहुत राहत मिली है।