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Siddharthnagar News: निर्माण के छह वर्ष बाद ही ध्वस्त होने के कगार पर आंगनबाड़ी केंद्र

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जर्जर आंगनबाड़ी केंद्र चौरी खुर्द। संवाद - फोटो : SIDDHARTHNAGAR
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निर्माण के छह वर्ष बाद ही ध्वस्त होने के कगार पर आंगनबाड़ी केंद्र
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बांसी तहसील क्षेत्र के कई गांवों में स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों की हालत ठीक नहीं
संवाद न्यूज एजेंसी
घोसियारी (सिद्धार्थनगर)। बांसी तहसील क्षेत्र के कई आंगनबाड़ी केंद्र के भवन निर्माण के कुछ दिन बाद ही ध्वस्त होने के कगार पर पहुंच गए हैं। हालत यह है कि इन जर्जर भवनों की छत टपक रही है। दीवार के प्लास्टर उखड़ रहे हैं। फर्श टूट रहे हैं।
खेसरहा ब्लॉक के आंगनबाड़ी केंद्र पूरनजोत का निर्माण वर्ष 2015 में हुआ था। निर्माण के कुछ दिन बाद से ही बारिश में आंगनबाड़ी केंद्र के भवन की छत टपकने लगी। केंद्र के रसोईघर और शौचालय का दरवाजा भी सड़कर क्षतिग्रस्त हो चुका है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रीता त्रिपाठी ने बताया कि भवन जर्जर होने के कारण बच्चों को विद्यालय परिसर में बने अतिरिक्त कक्ष में पढ़ाना पड़ता है।
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इसी तरह आंगनबाड़ी केंद्र चौरी खुर्द का निर्माण 2016 में हुआ था। वर्तमान में इस केंद्र की दीवारों में दरार पड़ गई है। छत टपक रही है। फर्श भी टूट चुकी है। केंद्र भवन का मुख्य दरवाजा भी गायब है और खिड़कियां टूट चुकी हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पुष्पा मिश्रा ने बताया कि भवन की स्थिति खराब होने के कारण बच्चों को प्राथमिक विद्यालय के अतिरिक्त कक्ष में पढ़ाया जाता है।
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क्षेत्र के रामसजीवन, दीनानाथ का कहना है कि आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण के समय घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया था। इस वजह से कम समय में ही भवन जर्जर हो गए। जर्जर भवन के ही कारण टीकुर गांव में स्थित तीन आंगनबाड़ी केंद्रों में प्रथम केंद्र के बच्चे प्राथमिक विद्यालय टीकुर में पढ़ते हैं। दूसरे केंद्र के बच्चे गांव में स्थित इंटर कॉलेज में पढ़ते हैं और तृतीय केंद्र के बच्चे दूसरे प्राथमिक विद्यालय में पढ़ते हैं। ऐसे ही क्षेत्र के अन्य आंगनबाड़ी केंद्र भवनों की हालत बहुत खराब है, जिससे यहां पढ़ने वाले नौनिहालों के अभिभावक चिंतित हैं।
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जर्जर आंगनबाड़ी केंद्र के भवनों की सूची विभाग में भेजी गई है। विभाग से धन प्राप्त होते ही सभी जर्जर भवनों की मरम्मत करा दी जाएगी।
- आनंद श्रीवास्तव, सीडीपीओ, खेसरहा
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