शोहरतगढ़। चिल्हिया थाना क्षेत्र कोल्हुआ गांव निवासी अनारूल्लाह उर्फ अन्नू को उसके गांव से दिल्ली की पुलिस पकड़कर ले गई है। पुलिस ने उसे 20 वर्ष पहले हुई दिल्ली के लाजपत नगर थाना क्षेत्र के राधा कृष्णा मंदिर में हुई लूट के मामले में पकड़ा है। उसने अपने दो साथियों के साथ पेंटिंग करने के दौरान पुजारी को पिस्टल दिखाकर तिजोरी से 22 लाख लूटा था। इसके बाद से फरार हो गया था। परिवार के लोग घटना से वाकिफ थे। वहां से आने के बाद वह दो बार विदेश जा चुका है।
जानकारी के मुताबिक, चिल्हिया थाना क्षेत्र ग्राम कोल्हुआ निवासी अनारूल्लाह उर्फ अन्नू 2003 में मुंबई काम की तलाश में गया था। मुंबई में काम नहीं मिलने पर गांव के आस-पास गांव के दो युवक इसे दिल्ली बुला लिए। यहां पर यह मकान की रंगाई पुताई का कार्य करता था। यह अपने दो साथी नाहिद, शकील के साथ दिल्ली के लाजपत नगर थाना क्षेत्र के राधा कृष्णा मंदिर की रंगाई पुताई कर रहे थे। दिल्ली पुलिस के मुताबिक उसी दौरान नाहिद, शकील की मास्टर माइंड से पुजारी को पिस्टल दिखाकर तिजोरी से 22 लाख की लूट की थी।
मामले में पुजारी की तहरीर पर दिल्ली के लाजपत नगर थाना की पुलिस मुकदमा दर्ज कर इनकी तलाश कर रही थी। घटना के बाद अपने साथी के साथ घर आ गया था। दो साल बाद अनारूल्लाह विदेश सऊदी अरब चला गया। अनारूल्लाह विदेश तब से दो बार आया और गया। इस बीच दिल्ली की पुलिस इसे पकड़ने के लिए कई बार आई थी। लेकिन सफलता नहीं मिलने पर बैरक वापस होना पड़ा था। दो साल से अनारूल्लाह घर पर ही रहता था। इधर-उधर दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करता था।
न्यायालय के निर्देश पर लाजपत नगर थाना के एसआई अविनाश तिवारी व कांस्टेबल योगेश यादव दो दिसंबर को चिल्हिया पहुंचकर थाने से संपर्क किया। इसके बाद लूट में शामिल अनारूल्लाह उर्फ अन्नू की रेकी की गई। तीन दिसंबर की रात आरोपी को स्थानीय पुलिस व दिल्ली पुलिस के संयुक्त प्रयास से उसके गांव कोल्हुआ से गिरफ्तार कर लिया गया। एसआई अविनाश तिवारी ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। सोमवार को उसका मेडिकल कराने के बाद दिल्ली के न्यायालय में पेश करने के लिए ले गए है। परिवार के लोग कार्रवाई को लेकर खामोश हैं।