सिद्धार्थनगर। शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के शांति शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज छतहरी की प्रबंध समिति को शासन ने मिले शिकायत के आधार पर भंग कर दिया है। विद्यालय के लिए पहले जमीन दान करने और बाद में उसी को बेच देने के आरोप में यह कार्रवाई हुई है। विद्यालय संचालन की जिम्मेदारी राजकीय इंटर कॉलेज परसा जमाल के प्रधानाचार्य को दी गई है। वहीं, प्रबंध समिति के भंग होने के बाद मामले की जांच शुरू हो गई है।
शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के शांति शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज कक्षा दसवीं तक सहायता प्राप्त है। विद्यालय के प्रबंधक परमात्मा प्रसाद चतुर्वेदी थे। उन्हीं के किसी करीबी ने शासन में शिकायत किया विद्यालय दान की भूमि पर है। इसका रकबा है। उक्त भूमि को वर्ष 1977 में दान करने के बाद एक व्यक्ति के नाम से बेच दिया गया और धन ले लिया गया। इसमें भारी वित्तीय अनियमितता की गई है। इस मामले की जांच करके संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाए। मिले शिकायती पत्र को शासन ने संज्ञान ले लिया है। इसके बाद विद्यालय की प्रबंध समिति को तत्काल प्रभाव से भंग करते हुए जांच बैठा दी है। विद्यालय के प्रबंधक परमात्म प्रसाद चतुर्वेदी को पद से हटाया गया है। वहीं, शिक्षण कार्य प्रभावित न होने पाए इसके देखते हुए राजकीय इंटर कॉलेज परसा जमाल डुमरियागंज के प्रधानाचार्य को विद्यालय संचालन का अतिरिक्त चार्ज सौंपा गया है। सूत्रों के अनुसार विद्यालय एडेडे होने के बाद से ही यहां पर शिकायत और आरोप प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया था। अब मामला यहां तक पहुंच गया है। जांच में हकीकत सामने आएगी कि विद्यालय की जमीन कैसे बैनामा कर दिया गया। इस संबंध में प्रभारी डीआईओएस ने बताया कि शासन के स्तर से यह कार्रवाई की गई है। विद्यालय संचालन के लिए प्रधानाचार्य को जिम्मेदारी दी गई है।
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आरोप पूरी तरह से निराधार
जिस विद्यालय की जमीन के बैमाना किए जाने की बात कही जा रही है, उससे हमारा कोई लेनादेना नहीं है। जो भूमि बैनामा करने का आरोप लगाया जा रहा है वास्तव में वह अभिलेख में डीह दर्ज है जो न तो दान हो सकता है और न ही उसकी बिक्री की जा सकती है।
परमात्मा प्रसाद चतुर्वेदी, तत्कालीन प्रबंधक