शोहरतगढ़ क्षेत्र में सरयू नहर परियोजना कार्य का विरोध प्रदर्शन करते ग्रामीण। संवाद
सिद्धार्थनगर। शोहरतगढ़ तहसील क्षेत्र के रुमनदेई के किसानों ने सरयू नहर परियोजना के ठेकेदार पर बिना बैनामा करवाए उनके खेत को खोदने व उसमें पाइप डालने का आरोप लगाया है। तहसील दिवस व शोहरतगढ़ विधायक को प्रार्थनापत्र देकर न्याय की गुहार लगाई है। उन्होंने सरयू नहर परियोजना के अधिकारियों से बिना मुआवजा दिए खेत की खुदाई रोकने की मांग भी की है। उधर नहर परियोजना के अधिकारियों के मुताबिक इसमें मुआवजे का प्रावधान भी नहीं है। इसमें जमीन के डेढ़ से दो मीटर अंदर खुदाई कर पाइप डाली जाएगी। ऊपर किसान खेती कर सकता है।
क्षेत्र के रुमनदेई की रहने वाली कनीजा बानो पत्नी दूल मोहम्मद ने सोमवार को पड़रिया में शोहरतगढ़ विधायक विनय वर्मा को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उनकी पांच बीघा जमीन पड़रिया में है। सरयू नहर परियोजना की नहर हमारे खेत से जा रही है। परियोजना के ठेकेदार बिना उन्हें मुआवजा दिए जबरन उनके पांच बीघे खेत में दो मीटर चौड़ाई में खुदाई कर उसमें पाइप डाल दिया गया है। इसके अलावा महिला किसान ने ठेकेदार पर आरोप लगाया कि जब वह उसे रोकने के लिए ठेकेदार से बात करती हैं तो वह उन्हें मारने-पीटने की धमकी देता है। पीड़िता ने बताया कि उन्होंने तहसील दिवस में भी प्रार्थना पत्र दिया है। इसके बाद विधायक विनय वर्मा ने परियोजना व राजस्व विभाग के अधिकारियों से बात कर मामले का समाधान करवाने का आश्वासन दिया। इस संबंध में सरयू नहर परियोजना के एसडीओ विभूति नारायण सिंह ने बताया कि जमीन के अंदर डेढ़ से दो मीटर खुदाई कर उसमें पाइप डाली जा रही है। इसमें शासन की ओर से मुआवजे का कोई प्रावधान नहीं है। इसमें अंदर पाइप रहेगी और ऊपर किसान अपनी खेती करेगा। यह पायलट प्रोजेक्ट है। अगर यह सफल हो गया तो यही विधि जिले में कई जगह प्रयोग की जाएगी। इससे पानी का दुरुपयोग रुकेगा।