सिद्धार्थनगर। डिप्टी सीएमओ की ओर से 23 फरवरी को मोहाना थाना क्षेत्र के बर्डपुर के क्षेत्र के चार हास्पिटल और क्लिनिक की जांच की गई थी। जांच में बिना कागजात के सभी का संचालित होना पाया गया था। सभी को नोटिस देते हुए दो दिन में जवाब मांगा गया था। चारों हॉस्पिटल संचालकों ने नोटिस का जवाब दे दिया है। कहा है कि कागजात बनने तक वे अपने हॉस्पिटल व क्लिनिक को बंद रखेंगे।
स्वास्थ्य विभाग में गजब का खेल है। जिले में कितने अस्पताल और क्लिनिक और लैब, अल्ट्रासाउंड सेंटर पंजीकृत हैं। इसका उनके पास पूरा डाटा है। इसके बाद अवैध रूप से संचालित होने वाले हॉस्पिटल और क्लिनिक पर कार्रवाई नहीं की जाती है। जब किसी मरीज की मौत हो जाती है। या फिर शिकायत होती है तो स्वास्थ्य महकमे के जिम्मेदार जागते हैं और अस्पतालों की जांच करते हैं और कार्रवाई की धीमी चाल से आगे बढ़ते हैं।
डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय गुप्ता ने 23 फरवरी को बर्डपुर क्षेत्र के एक-एक करके चार हास्पिटल और क्लिनिक मोगीश हॉस्पिटल एंड पॉलीक्लीनिक, अल्बा हॉस्पिटल एंड मैटरनिटी सेंटर, सिफा हॉस्पिटल, नव जीवन हॉस्पिटल ऑर्थो एंड मैटरनिटी सेंटर बिना कागजात के संचालित पाया गया। डिप्टी सीएमओ की ओर से सभी को नोटिस देकर जवाब मांगा था। इसमें सभी ने नोटिस का जवाब दे दिया है। अब अस्पताल संचालन के संबंधित कागजात तैयार होने तक बंद रहेंगे। अगर इस अवधि में संचालित मिल गए तो सील करने के साथ ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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अस्पताल बंद तो दूसरे के नाम से करने लगते हैं संचालन
जिले में अवैध रूप से संचालित होने वाले अस्पताल जब पकड़े जाते हैं और सील होते हैं। तो नाम बदलकर फिर से संचालित होने लगते है। ऐसे कई मामले में सामने आ चुके हैं। डुमरियागंज में एक अस्पताल को दो बार सील किया गया और दो बार सील खोलकर संचालित होते हुए पाया गया था। यही हाल अन्य अस्पतालों का रहता है। एक बार चेकिंग के बाद फिर दोबारा स्वास्थ्य टीम जांच करने के लिए नहीं जाती है। स्वास्थ्य विभाग के जुड़े लोगों की माने तो इसमें विभागीय सेटिंग से सबकुछ चलता है।
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सीएमओ प्रकरण की चल रही है जांच
अवैध रूप से संचालित होने वाले अस्पताल के संचालन को लेकर रुपये के खुले खेल का मामला सामने आ चुका है। तत्कालीन सीएमओ डॉ. बीके अग्रवाल का रुपये के लेनदेन करने का ऑडियो और वीडियो वायरल हुआ था। डिप्टी सीएम ने मामले को संज्ञान में लिया था। इसमें तत्कालीन सीएमओ हटाए जा चुके हैं। इस मामले में सीएमओ की तहरीर पर दो डॉक्टरों के खिलाफ केस दर्ज हुआ था। अभी इस मामले की जांच पुलिस कर रही है।
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जिन हास्पिटल और क्लिनिक संचालित करने चार संचालकों को नोटिस दिया था, उन्होंने जवाब दे दिया है। बिना कागजात के संचालन नहीं करेंगे। फिर जांच किया जाएगा। अगर दोबारा संचालित करते हुए मिले तो सील करने के साथ ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. संजय गुप्ता, डिप्टी सीएमओ