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महाशिवरात्रि : 300 साल बाद महाशिवरात्रि पर बन रहा विशेष संयोग

Tue, 05 Mar 2024 12:08 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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डुमरियागंज। महाशिवरात्रि का महापर्व भगवान शंकर और माता पार्वती के विवाह के उत्सव के रूप में मनाया जाता है। पंचांग के अनुसार हर साल महाशिवरात्रि का पर्व फाल्गुन मास की त्रयोदशी तिथि को मनाया जाता है। इस वर्ष महाशिवरात्रि पर्व आठ मार्च को मनाया जाएगा। महाशिवरात्रि का पर्व ग्रहों की शुभ युति तथा शिवयोग के सर्वार्थ सिद्धि योग में मनेगा। इस बार की महाशिवरात्रि बेहद खास होगी।
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पंचांग के अनुसार, महाशिवरात्रि पर इस प्रकार के योग संयोग व ग्रह स्थिति 300 साल में एक या दो बार ही बनती है। इस बार महा शिवरात्रि आठ मार्च को मनाई जाएगी। ग्रहों की शुभ युति तथा शिवयोग के सर्वार्थ सिद्धि योग में महा शिवरात्रि का महापर्व मनाया जाएगा। इस दुर्लभ योग में भगवान शिव की पूजा शीघ्र फल प्रदान करने वाली मानी गई है। शुक्रवार के दिन श्रवण नक्षत्र उपरांत धनिष्ठा नक्षत्र, शिवयोग, गर करण तथा मकर, कुंभ राशि के चंद्रमा की साक्षी रहेगी। कुंभ राशि में सूर्य, शनि, बुध का युति संबंध रहेगा। इस प्रकार के योग तीन शताब्दी में एक या दो बार बनते हैं। जब नक्षत्र योग और ग्रहों की स्थिति केंद्र त्रिकोण से संबंध रखती है।

महाशिवरात्रि पर होगा सर्वार्थ सिद्धि योग

डुमरियागंज नगर स्थित प्राचीन शिव मंदिर के पुजारी पंडित राकेश शास्त्री ने कहा कि महाशिवरात्रि पर सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है। इस योग में शिव पूजन करने से उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है। इस से योग धन लाभ और कार्य सिद्धि के लिए विशेष रूप से शुभ माना जाता है। इस शुभ योग में कोई भी नया कार्य, बिजनेस या फिर नौकरी में नई शुरुआत करना अच्छा परिणाम देने वाली मानी जाती है।
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इन चीजों से करें भगवान शिव का अभिषेक

महाशिवरात्रि पर्व के दिन भगवान शिव की उपासना के समय शिवलिंग पर शहद से अभिषेक करना शुभ होता है। ऐसा करने से श्रद्धालु के कार्य जीवन में आ रही सभी समस्याएं दूर हो जाती हैं और भगवान शिव की कृपा बनी रहती है। शिवरात्रि के दिन भगवान शिव का रुद्राभिषेक दही से करने से भी आर्थिक क्षेत्र में आ रही सभी परेशानियां दूर हो जाती है। गन्ने के रस से भगवान शिव का अभिषेक करने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। भगवान शिव का अभिषेक करते समय 108 बार पार्वतीपतये नम: मंत्र का जाप करना चाहिए, ऐसा करने से जीवन में अकाल संकट नहीं आता है।

ऐसे करें शिवरात्रि पर भगवान शिव की पूजा
ज्योतिषाचार्य पं. ओमप्रकाश पांडेय ने कहा कि महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव को पंचामृत से स्नान करा कराएं। शिवरात्रि के दिन भगवान शिव को केसर मिश्रित जल से 8 बार अभिषेक करें। इसके बाद रात भर का अखंड दीपक जलाएं, चंदन का तिलक लगाएं। बेलपत्र, भांग, धतूरा, गन्ने का रस, तुलसी, जायफल, कमल गट्टे, फल, मिष्ठान, मीठा पान, इत्र व दक्षिणा चढ़ाएं। इस सबके बाद केसर युक्त खीर का भोग लगा कर प्रसाद बांटें।
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