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Siddharthnagar News: 35 अधिकारियों पर कार्रवाई, खेत में घूम रही पुलिस, फिर भी जल रही पराली

Fri, 24 Nov 2023 11:29 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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शोहरतगढ क्षेत्र में पराली जला रहे किसान। संवाद
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फोटो- है
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जिले में पराली जलाने की हो चुकी हैं 120 घटनाएं

न्याय पंचायत स्तर पर घटनाओं रोकने में नाकाम 35 कर्मियों हुई कार्रवाई



संवाद न्यूज एजेंसी

सिद्धार्थनगर। पराली जलाने से रोकने में नाकाम 23 न्याय पंचायत स्तरीय कर्मियों सहित 35 लोगों का वेतन रोका गया है। पुलिस भी पराली न जलाने के लिए किसानों को प्रेरित कर रही है। बावजूद इसके पराली जलाने के मामलों पर रोक नहीं लग पा रही है। शुक्रवार को शोहरतगढ़, खेसरहा, त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र में खेतों में पराली जलती मिली।

ठंड बढ़ने के साथ ही कोहरा और धूल के गुबार से हवा बिगड़ने लगी है। इसी बीच धान की कटाई और किसानों द्वारा पराली जलाए जाने से हवा और जहरीली हो गई है। धुएं और कोहरे बीच उड़ने वाली धूल से सांस के रोगियों और वृद्धजनों की परेशानी बढ़ गई है। पराली जलने से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए प्रशासन सख्त है। पराली जलाने वाले किसानों पर पर ढाई से पांच हजार रुपये तक का जुर्माना लगा रहा है। किसान पराली न जलाने पाएं इसके लिए कृषि विभाग, राजस्व विभाग और पुलिस विभाग अपने-अपने हिसाब से लगे हैं। किसान पराली चोरी-छिपे जला रहे हैं।
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पराली जलाने की घटनाओं को रोकने में असफल पाए जाने पर डीडी कृषि ने 23 न्याय पंचायत स्तरीय प्रभारी, नौ ब्लॉक स्तरीय एडीओ एजी और चार तहसील स्तरीय अधिकारियों का वेतन रोका है।



बोले अधिकारी

खेत में पराली जलाया जाना गंभीर मामला है। इससे प्रदूषण बढ़ रहा है। साथ ही भूमि की शक्ति भी समाप्त हो रही है। किसान पराली न जलाने पाएं और वे जागरूक हों। इसके लिए कृषि विभाग के न्याय पंचायत, ब्लॉक और तहसील स्तर पर कर्मी लगाए गए हैं। 35 लोगों के कार्य में शिथिलता के कारण पराली जलाने के मामले उनके क्षेत्र में मिले हैं। इसलिए वेतन रोका गया है।

-अरविंद कुमार विश्वकर्मा, उपकृषि निदेशक



खेत में पहुंची पुलिस, किसानों को कर रही जागरूक
बिस्कोहर। त्रिलोकपुर थाना क्षेत्र की पुलिस चौकी के प्रभारी राकेश कुमार त्रिपाठी के नेतृत्व में शुक्रवार को पुलिसकर्मियों ने क्षेत्र के गदखौवा, परसोहन, सिकौथा, भलुईया, फूलपुर में खेतों में काम कर रहे किसानों को एकत्र कर पराली न जलाने के लिए जागरूक किया। चौकी प्रभारी ने किसानों को पराली जलाने से पर्यावरण व खेतों की उर्वरा शक्ति कमजोर होने की जानकारी दी। उन्होंने खेतों में मौजूद लोगों को आगाह किया कि यदि पराली जलाई गई तो विधिक कार्रवाई की जाएगी।
चौकी प्रभारी राकेश कुमार त्रिपाठी ने कहा कि हमारी टीम के लोग लगातार निगरानी रख रहे हैं। किसानों को पराली न जलाने के लिए जागरूक भी कर रहे हैं। कहा कि इस संबंध में बनाई गई टीम गांवों में जाकर किसानों को पराली जलाने से रोक रही है। वहीं, जहां आग लगी हुई पाई जाती है, वहां बुझाई भी जाती है।



पराली घटना नंबर-एक

नहीं मान रहे पराली जलाने वाले

घोसियारी। खेसरहा ब्लॉक के विभिन्न गांवों में शुक्रवार को भी पराली जलाई गई। जहां भी पराली जली, वहां का वातावरण धुआं से भर गया। सड़क पर चलने वाले कई लोगों की आंखों में तिनके पड़ने से जलन भी हुई। खेसरहा ब्लॉक क्षेत्र के गांवों में बेखौफ पराली जलाई जा रही है। घोसियारी, कपियवा, धमौरा, रिउना, छितही, बूढ़ी घोसियारी, सरैनिया मुंडेहरा, अंवारी आदि गांवों में लोग खेतों को साफ-सुथरा करने के लिए बेखौफ धान की पराली जला रहे हैं।



पराली घटना नंबर-दो

खेत में पराली जला कर वायु मंडल में घोल रहे विष

भनवापुर। खेत में पराली जला कर वायुमंडल में किसान विष घोल रहे हैं। कृषि विभाग, राजस्व के साथ ही पुलिस विभाग को क्षेत्र भ्रमण कर खेतों में पराली जला रहे किसानों को जागरूक करने के साथ ही कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। बावजूद इसके पराली जलाने का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को क्षेत्र के हथपरा, गड़ावर, गनवरिया, कटरिया बाबू, सिरसिया, खम्हरिया, भड़रिया आदि गांवों में पराली जलती रही।
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पराली जलाने में अब तक हुई कार्रवाई

कृषि विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, आग जलाने की 120 घटनाएं सामने आई हैं। इसमें 73 स्थानों पर पराली जलाने की पुष्टि हुई है। जबकि शेष 24 में कूड़ा जलाने की पुष्टि हुई। वहीं, 23 घटनाओं में पुष्टि नहीं हो पाई है। पराली जलाने की 73 घटनाओं में किसानों पर 1.72 लाख रुपये जुर्माना लगाया है। इसमें 45 हजार रुपये जुर्माना राशि किसानों से वसूली जा चुकी है।
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