हेड कॉस्टेबल अनिरुद्ध पांडेय की तहरीर पर 12 जनवरी 2016 को दर्ज किया गया था केस
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। विशेष अपर सत्र न्यायाधीश एनडीपीएस एडीजे फर्स्ट मोहम्मद रफी की अदालत ने नेपाल से भारत चरस की तस्करी के आरोपी अभियुक्तों को दोषमुक्त करार दिया है। कोर्ट ने बस्ती जिले के थानाक्षेत्र मुंडेरवा के ग्राम ओडवारा निवासी रमेश चन्द्र पुत्र पूर्णमासी व थानाक्षेत्र नगर ग्राम अकारी निवासी हृदयराम पुत्र नोखई को दोषमुक्त करार दिया है। दोनों के पास से आठ किग्रा चरस की बरामदगी हुई थी। उन्हें पुलिस और एसएसबी ने मिलकर पकड़ा था।
मामला ढेबरुआ थाने का है जहां हेड कॉस्टेबल अनिरुद्ध पांडेय की तहरीर पर 12 जनवरी 2016 को केस दर्ज किया गया था। तहरीर के अनुसार 12 जनवरी 2016 को वह अपने हमराही कांस्टेबल एसएसबी के डिप्टी कमांडेंट शैलेश कुमार सिंह, एसआई गोविंद लाल व अन्य जवानों के साथ नेपाल सीमा पर गश्त के दौरान बढ़नी डिहवा पर मौजूद थे। जहां पर दो लोगों की तलाशी में रमेश चन्द्र के पास 4 किलो 101 ग्राम नाजायज चरस बरामद हुआ तथा हृदय राम के पास 3 किलो 956 ग्राम नाजायज चरस बरामद हुआ। पुलिस ने केस दर्ज कर विवेचना के बाद दोनों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष ने 14 प्रपत्रों सहित कुल 7 गवाहों की गवाही करवाया। न्यायालय ने गवाहों की गवाही, जिरह, फर्द बरामदगी, एफआईआर, विधि विज्ञान प्रयोगशाला रिपोर्ट सहित घटना के तथ्यों एवं अन्य दस्तावेजों का अवलोकन के बाद पाया कि गवाहों की गवाही में काफी विरोधाभास है और घटना संदेहास्पद है। साथ ही कोई स्वतंत्र साक्षी भी पेश नहीं किया गया है। न्यायालय ने कहा कि वादी मुकदमा और एसएसबी डिप्टी कमांडेंट के साक्ष्य से भी स्पष्ट है गिरफ्तारी के वक्त स्वतंत्र साक्षी मौजूद थे, उनकी गवाही विवेचना में भी नहीं हुई है और जो विवेचक स्वयं असत्य कथन कर रहा हो उससे यह आशा नहीं की जा सकती कि उसने स्वतंत्र साक्ष्य के लिए प्रयास किया था। अभियोजन पक्ष मामले को संदेह से परे साबित करने में विफल रहा। संदेह का लाभ देते हुए न्यायालय ने दोनों को दोषमुक्त कर दिया। दोषमुक्त करार हुए अभियुक्त पहले से जमानत पर थे।