हल्लौर में दो दिवसीय अब्बास-डे का हुआ आगाज
डुमरियागंज। तहसील क्षेत्र के कस्बा हल्लौर स्थित दरगाह हजरत अब्बास में दो दिवसीय अब्बास डे का सोमवार का आगाज हुआ। पहले दिन मरसिया मजलिस आयोजित हुई तथा शायरों ने कलाम पेश किए। कार्यक्रम देर रात तक चला और बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत में महताब हैदर ने कलाम पाक की तिलावत की। उसके बाद मरसियाख्वानी शाहिद आलम और उनके सहयोगी ने की। मजलिस को जाकिर जमाल हैदर ने संबोधित किया। कहा कि हजरत इमाम हुसैन के बहादुर, वफादार जांबाज भाई हजरत अब्बास ने कर्बला के मैदान में सब्र-सहनशीलता का परिचय दिया। जमाल ने कहा कि हजरत अब्बास जैसा दुनिया में कोई दूसरा भाई न हुआ न होगा। उन्होंने सारी जिंदगी अपने बड़े भाई इमाम हुसैन की हमेशा इज्जत की।
हजरत अब्बास की रहती दुनिया तक वफा और बहादुरी की मिसाल दी जाती रहेगी, मजलिस के बाद शायरों का कलाम पढ़ने का सिलसिला शुरू हुआ, जिसमें मशहूर शायर चंदन फैजाबादी, मीसम गोपालपुरी, जाहिद कानपुरी, हाशिम फिरोजाबादी, सलीम बलरामपुरी, सबरोज कानपुरी, दर्द हल्लौरी, बेताब हल्लौरी, सावन हल्लौरी, सज्जाद, शमशाद सहित तमाम शायरों ने हजरत अब्बास की वफादारी, बहादुरी और शहादत पर आधारित कलाम पेश किया। कार्यक्रम का संचालन जाहिद कानपुरी ने किया।
अब्बास-डे में आज होगा नौहा मातम
डुमरियागंज। हल्लौर स्थित दरगाह हजरत अब्बास में आयोजित दो दिवसीय अब्बास डे में दूसरे दिन मंगलवार को अंजुमन मासूमिया जाफराबाद, जलालपुर तथा अंजुमन कमरे बनी हाशिम उतरौला और अंजुमन हैदरिया मनियारपुर सुल्तानपुर तथा स्थानीय अंजुमनों के मातमी दस्ते नौहा और मातम करेंगे। यह जानकारी इंतखाब आलम और सरफराज आलम ने दी। उन्होंने कार्यक्रम में सभी लोगों से शामिल होने की अपील की है।