सिद्धार्थनगर। ज्ञापन देने के एक माह बाद भी मांगों पर कोई कार्रवाई न होने से क्षुब्ध आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को भी प्रदर्शन किया। कलेक्ट्रेट में जुटी जिले भर की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन कर सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। साथ ही शासन-प्रशासन के खिलाफ आवाज बुलंद की। आंगनबाड़ी कर्मचारी व सहायिका एसोसिएशन के बैनर तले हुए प्रदर्शन में प्रदेश महामंत्री प्रभावती देवी ने कहा कि कुपोषण के खात्मे के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाएं पूरी निष्ठा से गांवों में कार्य कर रही हैं। अरसे से सेवा देने के बाद भी सरकार मानदेय वृद्धि पर ध्यान नहीं दे रही है। मानदेय वृद्धि व राज्य कर्मचारी का दर्जा देने सहित अन्य मांगों को लेकर 17 जुलाई को संगठन के पदाधिकारियों ने सीएम से मुलाकात कर ज्ञापन दिया था। 17 अगस्त को लखनऊ में प्रदर्शन कर दोबारा मांग पत्र सौंपा। सरकार ने वादा किया था कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को पूरा सम्मान दिया जाएगा, लेकिन एक माह का समय बीतने के बाद भी सरकार ने कोई फैसला नहीं किया है। प्रदेश कोषाध्यक्ष जरीना खातून ने कहा कि मौजूदा मानदेय आंगनबाड़ी कर्मचारियों की मेहनत व निष्ठा का अपमान है। यह न सिर्फ न्यूनतम श्रम दर के विपरीत है, बल्कि मनरेगा की मजदूरी से भी कम है। अगर सरकार मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि की मांग पर शीघ्र कार्रवाई नहीं करती तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी बनाने को बाध्य होंगे। धरने में प्रदेश संरक्षक मकबूल आलम, जिला महामंत्री किरन गुप्ता, पूनम त्रिपाठी, शिमला मौर्य और किरन श्रीवास्तव आदि शामिल रहीं।