एक माह पांच दिन में कोर्ट ने पूरी की सुनवाई, सुनाई सजा
मंदबुद्धि बच्चों से हुई हैवानियत में दोषियों को सजा का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। पथरा थाने के कोनकटी चौराहे पर मंदबुद्धि बच्चों के साथ हैवानियत करने वालों को सजा दिलाने के लिए कोर्ट ने मात्र एक माह पांच दिन में सुनवाई पूरी कर ली। विशेष अपर सत्र न्यायाधीश न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट प्रमोद कुमार सिंह ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आठ गवाहों की गवाही और साक्ष्य का अवलोकन के बाद हैवानों को सजा सुना दी। अधिवक्ताओं का कहना है कि कोर्ट की ऐसी पहल से पीड़ितों को त्वरित न्याय मिलने में सहूलियत होती है।
पथरा बाजार थानाक्षेत्र के कोनकटी स्थित एक मीट शॉप पर चार अगस्त 2023 को एक 10 वर्षीय और एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़के के साथ हैवानियत हुई थी। 10 वर्षीय बच्चे की मां ने पांच अगस्त 2023 को तहरीर देकर कहा कि उसके पुत्र समेत दो नाबालिगों को चोरी का आरोप लगाकर पिपरा रामलाल निवासी शेर अली, ग्राम कोनकटी सऊद फैसल एवं ग्राम गनगवारे निवासी सप्पू उर्फ उबेदुर्रहमान समेत अन्य ने कोनकटी में आजम के मुर्गी फार्म पर जान से मारने की नीयत से बांध कर मारा-पीटा। पेशाब पिलाए तथा बालकों के गुप्तांग में मिर्ची डाले व गुप्तांग में इंजेक्शन भी लगाए। उसके बालक की हालत बहुत खराब है। उसका पुत्र और दूसरा नाबालिग भी मंदबुद्धि हैं।
पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध केस दर्ज कर विवेचना की। विवेचना के बाद पुलिस ने अभियुक्तों के विरुद्ध न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। न्यायालय ने मामले का संज्ञान लेकर विचारण शुरू किया और अभियुक्तों के विरुद्ध पांच अक्तूबर 2023 को आरोप तय किया। इसके बाद पीड़ित दोनों बच्चों, एक बच्चे की मां व मुकदमा वादिनी, एक कांस्टेबल, इंचार्ज प्रधानाध्यापक, दो चिकित्सक व विवेचक समेत आठ की गवाही हुई। राज्य सरकार की तरफ से पीड़ित पक्ष की पैरवी करते हुए विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो एक्ट अधिवक्ता पवन कुमार कर पाठक ने एक माह के भीतर साक्ष्य की कार्रवाई पूर्ण कराई।
कोर्ट ने विचारण की समाप्ति पर दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की बहस सुनकर विचारण के दौरान उपलब्ध गवाहों की गवाही-जिरह, चिकित्सकीय परीक्षण रिपोर्ट, एफएसएल रिपोर्ट, घटना के तथ्यों एवं परिस्थितियों व सुसंगत दस्तावेजी साक्ष्यों का सम्यक अवलोकन करते हुए अभियुक्तों को घटना का दोषी करार दिया और सजा सुनाई।