दीक्षांत समारोह में राज्यपाल से प्रमाण पत्र पाए विद्यार्थी
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सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश में बेटियां बेटों से आगे हैं। प्रदेश में जितने भी विवि हैं, उनमें सर्वाधिक मेडल बेटियों को मिला है। यह सुखद है। ये बातें राज्यपाल राम नाईक ने मंगलवार को सिद्धार्थ विवि के द्वितीय दीक्षांत समारोह में कही। उन्होंने समारोह में 17 बेटियों समेत 28 मेधावियों को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया। राज्यपाल ने कार्यक्रम में चार योजनाओं का शिलान्यास भी किया। महराजगंज जिले की छात्रा अपर्णा पांडेय यूनिवर्सिटी टॉपर रहीं।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नाम से बनने वाले केंद्रीय ग्रंथालय को एतिहासिक बताते हुए राज्यपाल राम नाईक ने विद्यार्थियों से थ्री एम अर्थात ‘मां’, ‘मातृभाषा’ और ‘मातृभूमि’ का सम्मान करने का आह्वान किया। कहा कि यदि आप इन तीनों का सम्मान करते हैं तो आप जीवन में बहुत आगे जाएंगे। सफलता का कोई कोई शार्टकट नहीं होता है। जब आप प्रतिस्पर्धा में होते है तो परिश्रम अधिक करना पड़ता है। जब परिश्रम करेंगे तो गुणवत्ता आएगी। इसलिए मेहनत से न डरें। साथ ही राज्यपाल ने कहा कि यह सौभाग्य की बात है कि सिद्धार्थ यूनिवर्सिटी कपिलवस्तु के द्वितीय दीक्षांत समारोह में उन्हें आने का मौका मिला।
विवि के कुलपति प्रो. सुरेंद्र दुबे ने मेधावियों को बधाई देते हुए आगे बढ़ने का आशीर्वाद दिया। इससे पूर्व दीप जलाकर राज्यपाल, कुलपति और शिक्षक विधायक ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने दीक्षांत समारोह का उद्धाटन किया। इस दौरान सांसद जगदंबिका पाल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय, डीएम कुणाल सिल्कू, एसपी डॉ. धर्मबीर सिंह, राज्य महिला आयोग उपाध्यक्ष अंजू चौधरी, रजिस्ट्रार उदय प्रताप सिंह, डिप्टी रजिस्ट्रार महेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।