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दीक्षांत समारोह: सिद्धार्थ विश्वविद्यालय में 66 युवा मेधावियों को दिया गया स्वर्ण पदक, पीएचडी में भी पदक

Wed, 02 Oct 2024 07:14 PM IST
रोहित सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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दीक्षांत समारोह - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु में पीएचडी व विभिन्न विषयों में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले 66 छात्र-छात्राओं को राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने उपाधि व स्वर्ण पदक देकर सम्मानित किया।

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पीएचडी में उपाधि पाने वाले छात्र अभिषेक सिंह, रजनीश कुमार पांडेय, पवन कुमारी गुप्ता, इतेंद्र धर दुबे, देश दीपक वर्मा, विनय पाल, कुमारी प्रिती, अंजली सिंह, कुमारी रत्ना बाला सिंह, कुमारी संध्या मिश्रा, अजय कुमार मिश्रा, जागृति विश्वकर्मा, निशा पांडेय, मुकेश कुमार, प्रगति मिश्रा, संतोष कुमार तिवारी, वर्षा सिंह, नरेंद्र कुमार चौधरी, अजय कुमार, विनोद सिंह, आलोक दीक्षित, राज बहादुर, शशिकांत राव, राजीव कुमार सिंह, आदित्य प्रताप सिंह, राहुल कुमार सिंह, मारुती शुक्ला, राघवेंद्र सिंह, प्रभात कुमार, अनुप कुमार चतुर्वेदी को दिया गया।

दूसरी तरफ विभिन्न विषयों में सर्वोच्च अंक पाने वाले छात्र प्रतिमा वर्मा, श्वेता कसौधन, शिवानी चौधरी, पूर्णिमा कुमारी, तैय्यबा शफीक, हर्ष गुप्ता, नवीन कुमार पांडेय, कु. श्वेतांजलि भास्कर, कुमारी पारूल सिंह, कुमारी सोनिया शर्मा, श्रेया पांडेय, सरिका कुमारी, रीजी सिंह,
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फातमा खातून, अंतिमा शुक्ला, परवेज अहमद, कुमारी कल्पना दूबे, कु. अंकिता, सोनाली कसौधन, नीतू पटेल, ज्योति मिश्रा, कु. शिवांगी मिश्रा, रजत जायसवाल, कुंवर शीतल सेन, विभा सिंह, निधि पांडेय, विनीत कुमार पटेल, हिमांशु कन्नौजिया, रिंका दुबे, वर्तिका पांडेय, गरिमा त्रिपाठी, कु. प्रिया पाठक, कु. आदिति जायसवाल, अनामिका मिश्रा, संदीप कुमार, शृंगारिका सिंह को स्वर्ण पदक दिया गया।

धूप में नहीं रहा पानी का पर्याप्त इंतजाम
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु के दीक्षांत समारोह में अव्यवस्था के कारण छात्र-छात्राएं बाहर निकलीं तो विश्वविद्यालय प्रशासन को कोसते नजर आईं। कुछ लोग तो यह कह रहे थे कि कार्यक्रम स्थल का दायरा बढ़ाने के साथ ही कुर्सी और अन्य सुविधाएं होनी चाहिए थीं, जिस पर जिम्मेदारों ने तनिक ध्यान नहीं दिया। इससे कार्यक्रम में शामिल होने वालों को परेशानी से गुजरना पड़ा।

समारोह में विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं, अतिथियों के साथ छह जिलों के संबंध 282 महाविद्यालयों के छात्र-छात्राओं एवं अभिभावकों को आमंत्रित किया गया। कार्यक्रम स्थल पर पानी की व्यवस्था नहीं था। जहां खाने का कार्यक्रम था वहीं, पर पानी की व्यवस्था थी, जो पंडाल से दूर था, उन्हें प्यासे रहना पड़ा।

विधायक ने पुस्तक से झला पंखा
पंडाला में पंखों की संख्या कम रही। धूप में छात्र पुस्तक और छात्राएं दुपट्टा झलते नजर आईं। समारोह में डुमरियागंज विधायक सैय्यदा खातून गर्मी से परेशानी दिखीं, वह पुस्तक झलकर गर्मी से निजात पाने की कोशिश करती हुई दिखीं।

कुर्सी पड़ी कम, दो घंटे तक खड़ी रहीं छात्र-छात्राएं
कार्यक्रम स्थल का दायरा तो इस बार पिछली बार की तुलना में बढ़ा तो दिया गया था। जर्मन हैंगिंग पंडाल में बैठने के लिए पर्याप्त कुर्सी की व्यवस्था नहीं थी। इसलिए लगभग दो घंटे चले कार्यक्रम में छात्र-छात्राएं और उनके अभिभावक खड़े रहे। दो घंटे कार्यक्रम समाप्त होने तक लोगों को खड़ रहना पड़ा।

सुरक्षा व्यवस्था रही चौक चौबंद
सुरक्षा व्यवस्था बेहतर रही। सुरक्षाकर्मी की जहां ड्यूटी थी, वह धूप में मुस्तैद रहे। हर प्वाइंट पर चेकिंग करते दिखे। बाकी हर तरफ अव्यवस्था ही नजर आई जो, कार्यक्रम स्थल पर देखने को मिली।

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