लोटन (सिद्धार्थनगर)। बाढ़ के चलते विकास क्षेत्र में धान की सैकड़ों एकड़ फसल डूब गई जिससे किसानों का लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। कई मकान भी ध्वस्त हो गए हैं। घोघी नदी का पानी तेजी से बढ़ रहा था, जिससे दर्जनों गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। पशुओं का चारा, अरहर, सब्जी की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई और हजारों एकड़ में धान की फसल बाढ़ के पानी के कारण गल रही है। किसानों ने बताया कि अगर एक दो दिन के अंदर बाढ़ का पानी कम नहीं हुआ तो और भी भयावह स्थिति हो जाएगी। फसल बरबाद होने के बाद किसान, सरकार से आस लगाए बैठे हैं। अभी तक किसी अधिकारी के बाढ़ग्रस्त क्षेत्र का दौरा न करने से किसान हताश हैं। वहीं बरसात होने से भगता में दिनेश, राधेश्याम, रामलगन, महेश व नेतवर में मोहरत का रिहायशी मकान ध्वस्त हो गया है। बाढ़ से क्षेत्र के भगता, परसौना, कोल्हुआ, नेतवर, रजिया, सेमरी सोतियाडाड़ी, ठड़वरिया, करुवावल कला, सैनुवा, भेलौजी बुजुर्ग, खजुरिया, महुवा माफी, झुंगुवा, सिगोंरवा, महुवा काशीराम, पड़हरा, सहिला, करमैनी, चिउरहिया, महदेईया, विदेईया, अमहट, मरवटिया, खीरीडीहा, अजान, बघेली, डिहुलिया, सपही, धरमौली, विशुनपुर, नरकटहा, खखरा आदि गांवों की धान की फसल पानी में डूबी हुई है।