पांच सिपाही नहीं खोल पाए इंसास राइफल
सिद्धार्थनगर। डीआईजी आरके भारद्वाज ने बुधवार को सदर थाने का निरीक्षण किया। उन्होंने सिपाहियों को इंसास राइफल खोलने के लिए कहा। पांच सिपाही उसे खोल नहीं पाए। रजिस्टर में भी खामियां मिलीं, कोतवाल को सुधार के लिए निर्देशित किया।
शौचालय की सफाई व्यवस्था देखने के बाद महिला हेल्प डेस्क पर पहुंचे डीआईजी ने महिला कांस्टेबल से फरियादियों की समस्या के निस्तारण की जानकारी ली। वर्ष 2016 में सीज बाइक के बारे में सीओ सदर से जानकारी ली। एक पुलिसकर्मी के परिवार से मिले और आवास में सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। थाने की जमीन के बारे में जानकारी ली। निर्माणाधीन पुलिस आवास की जांच की। ईंट दोयम दर्जे की मिली। कहा कि खराब सामग्री का अगर प्रयोग रोकें।
मेस में व्यवस्था की पड़ताल के बाद थाने के असलहे के बारे में जानकारी ली। फिर पहले दरोगा से पिस्टल को खोलने के लिए कहा। दरोगा किसी तरह पिस्टल खोल पाए। सात में दो सिपाही ही इंसास राइफल खोल सके। डीआईजी ने कहा कि यह शरीर के अंग जैसा है, नियमित सफाई जरूरी है। हमेशा चलाने की जरूरत नहीं पड़ती है, लेकिन जब पड़ी तो न खोल पाने का नतीजा क्या होगाश् यह समझ सकते हो।
इसके बाद सभी को दंगा नियंत्रण के लिए तैयार होने को कहा। इसमें सब फेल हो गए आए। इसके बाद अपराध, मालखाना सहित अन्य रजिस्टर देखे। डीआईजी ने कहा कि आगे फिर आएंगे। सब ठीकठाक मिलना चाहिए। इस दौरान एसपी अमित कुमार आनंद, एएसपी सिद्धार्थ, सीओ सदर अखिलेश वर्मा, सीओ बांसी देवी गुलाम सिंह, कोतवाल सदर सतीश कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।
सरकारी संसाधन का सही से करें प्रयोग
डीआईजी ने किया इटवा थाने का वार्षिक निरीक्षण
संवाद न्यूज एजेंसी
इटवा। थाने के निरीक्षण में डीआईजी ने सरकारी संसाधनों के रखरखाव पर विशेष जोर दिया। कहा कि हमें संसाधनों की साफ -सफाई, प्रयोग करने के तरीके व विपरीत परिस्थितियों में जवानों को कम समय में तैयार होने में पारंगत होना चाहिए।
उन्होंने महिला, पुरुष बैरक, कार्यालय, रिकार्ड रूम, जवानों के लिए बने आवासों, पुराने पड़े वाहनों व थाना परिसर का निरीक्षण किया। असलहों के बारे में उपनिरीक्षकों से जानकारी ली अधिकांश के असलहा चलाने में विफल होने पर प्रभारी निरीक्षक विंदेश्वरीमणि तिवारी को प्रत्येक रविवार को असलहे की साफ-सफाई व चलाने का प्रशिक्षण देने को कहा। उन्होंने कस्बे में पैदल मार्च भी करने का निर्देश दिया। व्यापारियों व संभ्रांत जनों से मिली अतिक्रमण व जाम की शिकायतों का निदान करने को कहा। ओम छापड़िया, अनिल जायसवाल, रिजवान अहमद सिद्दीकी, बसंत जायसवाल, नरेंद्र छापड़िया, आनंद छापड़िया आदि मौजूद रहे।