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Siddharthnagar News: इस दीपावली में खप जाएगा 450 क्विंटल खोआ, अब बीमारी की बारी

Wed, 23 Oct 2024 02:28 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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सिद्धार्थनगर। त्योहार में मिठाइयों का कारोबार बढ़ गया है। एक अनुमान के अनुसार 450 क्विंटल से अधिक खोआ और उससे बनी मिठाइयां खप जाएंगी। यहीं कारण है कि मिलावट खोर सक्रिय हो गए हैं। इन्हें पकड़ने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग अभियान भी चला रहा है। मिलावटी खोआ सेबनी मिठाइयां किडनी से लेकर लीवर तक खराब कर सकती है। आसपास के गांवों के अलावा बाहर से भी मिलावटी माल उतारे जा रहे हैं।
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मिलावटी खोवे से बनी मिठाइयां जहां सांस नली में दिक्कत खड़ी कर सकती है। वहीं पेट के अन्य जरूरी अंगों को भी बेहद नुकसान पहुंचा सकती है। नकली खोआ में आम तौर पर यूरिया, सोडा पोस्टर कलर, कैल्शियम कार्बोनेट, फार्मोलीन केमिकल, मैदा, आरारोट, रिफाइंड, आलू, सस्ता मिल्क पाउडर मिला कर तैयार किया जा रहा है। सिंथेटिक दूध से भी खोआ तैयार कर बेचा जा रहा है। इतना ही नहीं रंग बदलने के लिए केमिकलों का भी इस्तेमाल होता है,जो सेहत के लिए नुकसानदायक हैं। खाद्य विभाग ने पिछले वर्ष बांसी में एक क्विटंल से अधिक खोआ नष्ट करवाया था।
लेकिन उसके बाद भी कई जगहों पर मिलावटी खोआ पाया गया था, जिसका बाजार में बिक्री हाेने का बाद सैंपल आया था। खाद्य विभाग हर वर्ष मिलावटी खोआ को पकड़ता हे लेकिन फाइलों में कार्रवाई होकर रह जाती है। इससे लोग हर वर्ष त्योहारी सीजन में मिलावटी खोआ व अन्य वस्तुओं को खा रहे हैं। खाद्य विभाग केवल त्योहारी सीजन में इसका खोज करता है उसके बाद मिलावटी खोआ का प्रयोग नहीं करता है।
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बीते साल 58.77 फीसदी नमूने हुए थे फेल ः वर्ष 2023-24 के वित्तीय वर्ष में खाद्य पदार्थों (पनीर, दूध, बेसन, मिठाई, खोआ, नमकीन आदि) के 213 नमूनों में से 58.77 फीसदी फेल हो गए थे। इनमें से 22 सेहत के लिए हानिकारक थे। हालांकि, अधिकतर ऐसे थे, जो सेहत के लिए नुकसानदायक तो नहीं थे, लेकिन फायदेमंद भी नहीं थे। एक अप्रैल 2023 से 31 मार्च 2024 तक 1182 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण हुआ था। इस दौरान दूध, बेसन, मिठाई, खोआ, नमकीन आदि के 213 नमूने लिए गए थे। जांच रिपोर्ट मिली तो पता चला 22 खाद्य पदार्थों की पैकिंग पर सही सूचना नहीं अंकित की गई थी। खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम-2006 के अनुसार पैकेटों पर स्पष्ट और सही सूचना अंकित करना जरूरी है।
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