फोटोबदल रहा है सिद्धार्थनगर
-कपिलवस्तु में तेजी से हो रहा है विकास, जल्द ही खुल जाएगा बुद्धा थीम पार्क
-विपश्यना केंद्र और बौद्ध कुटीर का भी शुरू हुआ कार्य, अब बदलेगी तस्वीर
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। महात्मा बुद्ध की क्रीड़ास्थली कपिलवस्तु में पर्यटन विकास के लिए 33 एकड़ जमीन खरीदने की प्रक्रिया लगभग पूरी हो गई है। बजट प्राप्त हो गया है और 53 करोड़ रुपये से जमीन की खरीद जा रही है। 15 दिन में सभी जमीन की रजिस्ट्री हो जाएगी। उसके बाद लुंबिनी की तर्ज पर विकास करने के लिए प्रोजेक्ट शुरू किए जा सकेंगे। हालांकि, बुद्धा थीम पार्क बनने के साथ विपश्यना केंद्र और बौद्ध कुटीर का निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है।
कपिलवस्तु स्तूप के आसपास पर्यटन विकास के लिए हो रहे निर्माण कार्य से विकास की उम्मीद जगी है। अब यहां आने वाले देश-विदेश के पर्यटकों को ध्यान और आनंद की अनुभूति करने के लिए संसाधनों की कमी नहीं होगी। वहीं, जमीन की खरीद के कारण विकास की संभावनाएं और बढ़ गई हैं।
33 एकड़ (13.31 हे.) जमीन खरीदने के लिए 53 करोड़ 20 लाख 46 हजार रुपये की आवश्यकता है। इसमें लगभग पूरा बजट प्राप्त हो गया है। इसमें 108 किसानों की जमीन है। 13.315 हे. जमीन में 10.99 हे. जमीन की रजिस्ट्री हो चुकी है। शेष जमीन की रजिस्ट्री भी 15 दिन के अंदर हो जाएगी। पर्यटन अधिकारी प्रिया सिंह ने बताया कि 33 एकड़ जमीन खरीदने के प्रोजेक्ट का बजट प्राप्त हो गया है। 15 दिन में रजिस्ट्री का काम पूरा हो जाएगा।
अब मिलेगी विकास की जमीन
कपिलवस्तु में पर्यटन विकास के लिए 92 हेक्टेयर जमीन थी। इसमें 46 हे. जमीन सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के निर्माण के लिए दे दी गई थी। 56 हेक्टेयर जमीन में बुद्धा थीम बनाया गया, जबकि विपश्यना केंद्र और बौद्ध कुटीर के पुनर्निमाण का कार्य शुरू हुआ है।
पर्यटन विकास के लिए जमीन नहीं बची थी। इसलिए जमीन को खरीदने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके साथ ही 50.5 हे. जमीन गनवरिया स्तूप के पास भी खरीदने की प्रक्रिया शुरू की गई है। 250 खातेदारों से सहमतिपत्र मांगे गए हैं।
इन कार्याें से बढ़ेंगी सुविधाएं
46 करोड़ रुपये से बुद्धा थीम बनाया गया है। यह बनकर तैयार है। पर्यटन विभाग ने राज्य पर्यटन विकास निगम को इस पार्क के संचालन के लिए पत्र लिखा है। इसकी शुरुआत होने पर पर्यटकों के लिए अच्छा ठिकाना हो जाएगा। इसमें हेलीपैड, वीआईपी गेस्ट हाउस भी बना है। बुद्धा थीम पार्क के बगल में 24.89 करोड़ रुपये से विपश्यना केंद्र का निर्माण कार्य शुरू किया गया है। इस केंंद्र को तैयार होने पर देश-विदेश के बौद्ध अनुयायियों को ध्यान करने की सुविधा मिलेगी। अब वहां बुनियादी सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं।
सिद्धार्थ विश्वविद्यालय के सामने पर्यटन सूचना केंद्र, डाॅरमेट्री हाॅल के निर्माण के साथ बौद्ध कुटीर का पुनर्निर्माण भी किया जा रहा है। कुटीर का कार्य एक दशक से अधूरा पड़ा था। यह कार्य 11.54 करोड़ रुपये से शुरू हुआ है।
वर्जन
कपिलवस्तु में विकास के लिए जमीन की खरीद की जा रही है। 13.317 हे. जमीन की खरीद 15 दिन में हो जाएगी। 50.50 हे. जमीन खरीदने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। जमीन पर विकास के नए प्रोजेक्ट शुरू किए जाएंगे। इसके साथ ही आसपास के सागरों में भी पर्यटन विकास के कार्य शुरू हाेंगे।
-पवन अग्रवाल, जिलाधिकारी