रिकॉर्ड में 320 बेड, 130 पर ही भर्ती हो रहे मरीज
मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल का हाल, वार्ड फुल होने के कारण रेफर हो रहे मरीज
सिद्धार्थनगर। माधव प्रसाद त्रिपाठी मेडिकल कॉलेज से संबद्ध संयुक्त जिला अस्पताल में 130 बेड पर मरीजों को भर्ती करने की सुविधा है, जबकि रिकॉर्ड में 320 बेड हैं। इमरजेंसी में सोमवार शाम मरीज को भर्ती करने के लिए बेड नहीं होने के कारण विवाद हुआ तो बेड संख्या पर सवाल उठ गया है।
जिला अस्पताल में सोमवार को विवाद हुआ तो जनरल बेड पर 120 मरीज थे। कोई भी बेड खाली नहीं था। परिजन से कहा गया कि किसी मरीज की तबीयत में सुधार होने पर उसकी छुट्टी होगी तो बेड उपलब्ध हो पाएगा। विवाद हुआ तो अस्पताल प्रशासन ने इमरजेंसी में 10 बेड की सुविधा और बढ़ा दी। इससे बेड संख्या 130 हो गई। सोमवार को 150 मरीज भर्ती हुए थे, जिनमें मरीजों की छुट्टी होने के बाद जो बेड खाली हुए तो उस पर मरीज भर्ती होते रहे हैं। जिन मरीजों को भर्ती करने के लिए बेड नहीं मिले, उन्हें रेफर कर दिया गया।
हालांकि इस बेड संख्या में पीआईसीयू (पीडियाट्रिक इंटेसिव केयर यूनिट) एवं एसएनसीयू (स्पेशल न्यू बार्न केयर यूनिट), डायलिसिस यूनिट के बेड नहीं जोड़े गए थे। जबकि 150 मरीज भर्ती किए गए थे। मेडिकल कॉलेज की मान्यता के दौरान एमसीएच विंग के 100 बेड को भी दर्शाया गया था, लेकिन इन पर मरीज भर्ती नहीं किए जा रहे हैं, जबकि जिला अस्पताल में पीआईसीयू, एनआरसी सहित 170 बेड पर ही मरीजों भर्ती किए जा रहे हैं।
सुविधाएं जिला अस्पताल की ही
मेडिकल कॉलेज बनने के बाद भी जिला अस्पताल में विशेषज्ञ सुविधाएं बेहतर नहीं हो सकी है। हार्ट यूनिट शुरू नहीं हुआ। यूरो और न्यूरो विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं हैं। ब्लड कंपोनेंट यूनिट अधर में है, जबकि डायलिसिस यूनिट में पांच बेड बढ़ाने की मंजूरी नहीं मिली है। ट्रामा सेंटर का प्रस्ताव है, लेकिन अभी नींव नहीं पड़ी है। बेहोशी के डॉक्टरों की कमी से सर्जरी टाली जा रही है।
जिला अस्पताल में वर्तमान में 170 बेड पर मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। इमरजेंसी में 10 बेड और बढ़ाए गए हैं, अब इमरजेंसी में 30 बेड हैं। एमसीएच विंग में मरीज भर्ती होने लगेंगे तो 100 बेड और बढ़ जाएंगे। -डॉ. एके झा, प्रभारी सीएमएस