सिद्धार्थनगर। नगर पालिका क्षेत्र में स्थित 30 से अधिक पोखरों का सुंदरीकरण होगा। नगर पालिका ने पोखरों पर कार्य कराने के लिए तहसील प्रशासन से उनकी सूची मांगी है। इसके बाद नगर पालिका व तहसील प्रशासन संयुक्त अभियान चलाकर इन पोखरों को अतिक्रमणमुक्त कराएंगे। जिसके बाद कार्ययोजना बनाकर उन पर सुंदरीकरण कार्य कराया जाएगा। हालांकि शहर के कई मोहल्लों में स्थित पोखरे अतिक्रमण के चलते विलुप्त होने की कगार पर पहुंच गए हैं।
शहर के पुराने हिस्से समेत विस्तारित क्षेत्र के मोहल्लों में स्थित कई पोखरे अतिक्रमण के चलते सिकुड़ गए हैं। यहां तक कि अतिक्रमण से सिकुड़े गोरखपुर मार्ग पर एसबीआई के सामने एवं थरौली मंदिर के पास स्थित पोखरे का प्रयोग कूड़ा निस्तारित करने के लिए हो रहा है। इन पोखरों में आसपास के घर व दुकान के साथ ही पूरे मोहल्ले का कूड़ा प्रतिदिन डाला जा रहा है। इससे जहां थरौली मंदिर स्थित पोखरे का अस्तित्व समाप्त हो चुका है, वहीं एसबीआई के सामने स्थित पोखरे का अस्तित्व खतरे में है।
इन पोखरों के इर्द-गिर्द अवैध तरीके से मकान खड़े हो गए है। नगर पालिका की तरफ से पोखरों पांच पोखरों के सुंदरीकरण के लिए कार्ययोजना बनाकर शासन को भेजा गया है। जबकि शेष पोखरों के संबंध में तहसील प्रशासन से रकबा सहित सूची मांगी गई है। अधिवक्ता विपिन त्रिपाठी कहते है कि अगर इन पोखरों को अतिक्रमण मुक्त करा सुंदरीकरण कराने से शहरियों को खुली और शुद्ध हवा में सांस लेने के लिए एक बेहतर स्थल मिल जाएगा।
20 से 50 लाख में होगा पोखरों का सुंदरीकरण
नगर पालिका की तरफ से शहर के प्रत्येक पोखरों के सुंदरीकरण पर 20 से 50 लाख रुपये खर्च करने की योजना है। इसके तहत केंद्रीय एवं राज्य वित्त की धनराशि से पोखरों को अतिक्रमणमुक्त कर चारों तरफ से तार से घेरकर गेट लगाए जाएंगे। साथ ही पोखरों में सीढ़ी निर्माण, किनारे पर पाथवे निर्माण, बेंच, पौधरोपण समेत सामुदायिक शौचालय का भी निर्माण होगा। इससे यहां टहलने आने वाले लोगों को किसी प्रकार की समस्या नहीं होगी।
पोखरों की बेशकीमती भूमि पर हुआ अतिक्रमण
शहर में स्थित कई पोखरों की बेशकीमती जमीनों पर अतिक्रमण करने की होड़ सी मची है। शहर के थरौली में स्थित बेलहिया मंदिर के पास दो बीघा पोखरे की भूमि अतिक्रमण के चलते विलुप्त हो चुकी है। यहां पर हुई पैमाइश के बाद चार अतिक्रमणकारियों को नोटिस दी गई है। सिहेश्वरीपुरम में स्थित अटकहिया पोखरे की भूमि भी अतिक्रमण की जद में है। वहीं गोबरहवा पोखरा और गोरखपुर मार्ग पर एसबीआई के सामने स्थित पोखरे भी अतिक्रमण की चपेट में है।
खुले पोखरों में हो चुके है हादसे
शहर के मुड़िला मोहल्ले में सड़क किनारे स्थित पोखरे के गहरे पानी में डूबने से दो वर्ष पूर्व एक युवक की मौत हो गई थी। इसी तरह पुरानी नौगढ़ स्थित पोखरे में डूबने से एक व्यक्ति की मौत हुई थी। वहीं सरोजनीनगर मोहल्ले स्थित पोखरे में डूबने से एक बच्चे की मौत हो गई थी। मोहल्ला निवासी सुधीर व रामकुमार का कहना है कि अगर पोखरे के चारों तरफ घेरकर सुरक्षित करने के साथ सुंदरीकरण हो जाएगा तो स्थानीय लोगों को सुविधा होगी।
नगर पालिका की तरफ से तहसील प्रशासन से शहर में स्थित पोखरों की सूची मांगी गई है। इनको अतिक्रमण मुक्त कराने के बाद कार्ययोजना बनाकर इन पोखरों के सुंदरीकरण का कार्य कराया जाएगा।
-गोविंद माधव, नगर पालिका अध्यक्ष
शहर में स्थित पोखरों की भूमि को अतिक्रमणमुक्त करने के लिए जल्द ही अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अन्य सरकारी भूमियों को भी कब्जामुक्त किया जाएगा।
-डॉ. ललित कुमार मिश्र, एसडीएम नौगढ़