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Siddharthnagar News: 29 टीमें करेंगी अधूरी 629 पेयजल परियोजनाओं की गुणवत्ता की जांच

Sun, 03 Mar 2024 10:54 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिद्धार्थनगर
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सिद्धार्थनगर। ग्रामीण क्षेत्र में सभी को पेयजल मुहैया कराने की अधूरी 629 पाइप पेयजल परियोजनाओं की जांच होगी। दो वर्ष से अधूरी पड़ी इन परियोजनाओं की मंडलायुक्त के निर्देश पर डीएम पवन अग्रवाल जांच करा रहे। उन्होंने जांच के लिए जिला स्तरीय अधिकारियों की 29 टीमें गठित की हैं।
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जिले में निर्माणाधीन सभी पाइप परियोजनाओं में नलकूप, पंपहाउस, पंपिंग प्लाट, सोलर सिस्टम स्थापना, बाॅउंड्रीवाल, गेट, ओवरहेड टैंक निर्माण कार्य अधूर पड़े हैं। इनके साथ ही भूमिगत पाइप की स्थिति इन्हें बिछाने के लिए काटी गई सड़कों के मरम्मत की स्थिति की जांच होगी। जिले के सभी 2324 राजस्व गांव में लोगों को पेयजल मुहैया कराने के लिए तीन कंपनियों की तरफ से 773 पेयजल परियोजनाओं का निर्माण होना है।
वीएसए कंपनी 162, मेघा कंपनी 185 और जैक्सन कंपनी 426 परियोजनाओं का निर्माण करा रही है। जिसमें 629 पाइप पेयजल परियोजनाओं का निर्माण कार्य शुरू हुआ है, लेकिन दो वर्ष बाद भी यह परियोजना अधूरे पड़े है। यहां तक कि पाइप लाइन बिछाने के लिए कार्यदायी कंपनियों ने कई गांवों में सड़कें खुदाई कर छोड़ दिया है। इन अधूरी पड़ी परियोजनाओं के चलते ग्रामीण शुद्ध पानी के लिए तरस रहे है। मंडलायुक्त ने जल जीवन मिशन कार्यक्रम फेज 2, 3 एवं 5 के तहत जनपद के सभी ग्रामों में कराए जा रहे निर्माण कार्यों का सत्यापन करने और पाई गई कमियों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
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जिलाधिकारी ने निर्माणाधीन 629 पेयजल परियोजनाओं का स्थलीय सत्यापन कर गुणवत्ता की जांच करने के लिए जनपद स्तरीय अधिकारियों 29 टीमें गठित की है। साथ ही इन्हें पांच मार्च तक जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी कार्यालय में रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
17 बिंदुओं संबंधी हो रही जांच
जांच टीमों द्वारा पेयजल परियोजनाओं पर नलकूप कार्य, पंपहाउस, पंपिंग प्लाट कार्य, सोलर सिस्टम स्थापना, बाउंड्रीवाल एवं गेट, ओवरहेड टैंक निर्माण कार्य पूर्ण एवं अपूर्ण होने के स्तर की जांच होगी। साथ ही भूमिगत पाइप कितने फीट नीचे डाली गई, कहीं लीकेज तो नहीं, पाइप लाइन बिछाने के लिए काटी गई सड़कों के मरम्मत की स्थिति की भी जांच होगी। इसके अलावा निर्माण कार्य में मशीनों की उपलब्धता, निर्माण स्तर व श्रमिकों की संख्या आदि की भी रिपोर्ट मांगी गई है।
एक माह भी नहीं मिला पानी, बंद हो गई सप्लाई

शाहपुर। भनवापुर ब्लाक क्षेत्र ग्राम सिरसिया में पानी टंकी का निर्माण कर लोगों के घर तक पाइप बिछाकर सप्लाई का कनेक्शन दिया गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि खराब क्वालिटी का पीसीसी पाइप लगाकर कनेक्शन दिया गया था। सप्लाई चालू होने के एक माह के अंदर जगह-जगह लीकेज से पानी निकलने से गांव में सप्लाई बंद हो गई थी। आरोप है कि मानकविहीन सप्लाई पाइप लगाने से वह ब्लॉक होकर फट जाने से लीकेज हो गया है, अब उसे बदला जा रहा है।

गांव में पानी की टंकी का निर्माण कर पाइप बिछाया गया था। लेकिन कुछ दिन तक ही पानी सप्लाई मिला। अब दोबारा पाइप लाइन डाली जा रही है।
-विनोद कुमार श्रीवास्तव, सिरसिया


मानकविहीन पाइप बिछाए जाने से कई स्थानों पर लीकेज हो गया, जिससे पानी सप्लाई बंद हो गई। अब बिछाई जा रही पाइप की भी गारंटी नहीं है।
-अर्जुन कुमार गौतम, ग्रामीण


गांव में सबसे पहले पेयजल परियोजना स्थापित होने से शुद्ध पानी मिलने की उम्मीद थी, लेकिन खराब कार्य के चलते इसकी उम्मीद नहीं दिख रही है।
-दयाराम, ग्रामीण


बड़े बजट की इन परियोजनाओं के निर्माण कार्य की जांच जरूरी है, ताकि गांव के लोगों को लंबे समय तक पेयजल मुहैया हो सके।
पप्प, ग्रामीण
जलजीवन मिशन के तहत जिले में निर्मित हो रहे ओवरहेड टैंक एवं पाइप बिछाने के कार्य का जांचकर रिपोर्ट भेजी जाती है। वर्तमान में डीएम के निर्देश पर भी जिला स्तरीय टीम जांच कर रही है। रिपोर्ट मिलने के बाद उच्चाधिकारियों के निर्देश पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
-मदनराम पाल, अधिशासी अभियंता जलनिगम
गड्ढामुक्ति एवं पैच मरम्मत कार्यों की होगी जांच
सिद्धार्थनगर। शासन के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग, मंडी परिषद, जिला पंचायत एवं ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के तहत हुए गड्ढामुक्ति कार्य, पैच मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता की जांच व सत्यापन होगा। डीएम ने जनपद स्तरीय अधिकारियों को मार्गवार जांच अधिकारी नामित किया है। उन्होंने जांच अधिकारियों को आवंटित परियोजनाओं व कार्यों की गुणवत्ता की जांच व स्थलीय सत्यापन कर रिपोर्ट आठ मार्च तक देने का निर्देश दिया है।
पैच मरम्मत के बाद भी है सड़क में गड्ढे
गड्ढामुक्ति अभियान के तहत पीडब्लूडी ने जिले की 103 सड़कों पर पांच करोड़ रुपये की लागत से पैच मरम्मत कार्य कराया गया था। इसमें शहर की थरौली गांव से नवीन मंडी होते हुए स्टेशन तक जाने वाली सड़क का भी पैच मरम्मत होना था। लेकिन इस सड़क पर गिट्टियां डालकर छोड़ दिया गया। रविवार को हुई बारिश में सड़क के गड्ढों में पानी भर गया था। टूटी सड़क के गड्ढों में जलभराव व कीचड़ के बीच गुजर रहे राकेश का कहना था, यहां कोई मरम्मत कार्य नहीं हुआ है।
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