15 लाख से अधिक का आभूषण और 15 हजार नकदी बरामद
10 दिन पहले डुमरियागंज थाना क्षेत्र के भरवठिया मुस्तकहम गांव में हुई थी चोरी की वारदात
डुमरियागंज बिस्कोहर रोड पर पुलिया के पास से किया गिरफ्तार
संवाद न्यूज एजेंसी
सिद्धार्थनगर। डुमरियागंज पुलिस ने 10 दिन पहले सर्राफा के यहां हुई चोरी की वारदात का पर्दाफाश कर दिया। घटना को अंजाम देने वाले दो शातिरों को पुलिस ने क्षेत्र के बिस्कोहर मार्ग के पुलिया के पास से शनिवार रात दबोच लिया। उनके कब्जे से 15 लाख रुपये से अधिक का आभूषण और 15 हजार रुपये नकदी बरामद किया है। पूछताछ करने के बाद आरोपियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है।
सीओ डुमरियागंज अखिलेश वर्मा ने बताया क्षेत्र के भरवठिया मुस्तकहम गांव में हुई चोरी के मामले का पर्दाफाश करने के लिए टीम लगी थी। लोकसभा चुनाव को देखते हुए शनिवार शाम को चेकिंग के दौरान भ्रमणशील थे। इसी बीच सूचना मिली कि भरवठिया मुस्तहकम गांव में 10 दिन पूर्व हुई चोरी की घटना करने वाले भरवठिया मुस्तहकम के पश्चिम तरफ सड़क जो बिस्कोहर को जाती है, उसी सड़क से चोरी के जेवरात को बेचने जाने वाले हैं। सूचना के आधार पर सड़क पुलिया के पास से दो संदिग्धों को पकड़ा गया। उनके कब्जे से चोरी में गए लगभग 15 लाख रुपये के आभूषण और 15 हजार रुपये नकदी बरामद किया गया। पूछताछ में उन्होंने अपनी पहचान मोहम्मद आरिफ, सुरेन्द्र कुमार सोनी उर्फ भंडारी निवासी भरवठिया मुस्तहकम थाना डुमरियागंज के रूप में हुई। पूछताछ करने के बाद न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया।
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पूछताछ में उगले राज
पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि जेवरात तथा रुपये अपने ही गांव के रहने वाले अशोक सोनी के घर से करीब 10 दिन पहले चोरी किए थे। उसी के है, साहब गांव के ही रहने के कारण हम लोगों को पता चल गया था कि अशोक सोनी अपने पूरे परिवार के साथ अयोध्या दर्शन करने के लिए गए हैं और रात्रि में वापस नहीं आएंगे। अच्छा मौका पाकर हम लोगों ने इस घटना को अंजाम दिया है। जेवर बेचने के लिए ही बिस्कोहर की तरफ गए थे। लेकिन बिक नहीं पाया और आप लोगों के द्वारा पकड़ लिया गया। साहब करीब दो माह पहले थाना चिल्हिया क्षेत्रांतर्गत ग्राम बरगदवा में भी रात्रि के समय दो घरों में चोरी किए थे। उन चोरियों में भी जेवरात व रुपये मिले थे। वह सब जेवरात तथा पैसा हम लोगों ने नशा एवं मौज मस्ती में खर्च कर दिए। हम लोगों को यह याद नहीं है कि कितना जेवर व रुपया मिला था।