सिद्धार्थनगर। विभन्नि मांगों को लेकर दूरसंचार विभाग के कर्मचारियों ने मंगलवार से दो दिवसीय हड़ताल पर चले गए। कार्य बहिष्कार कर कर्मचारियों ने कार्यालय परिसर में धरना दिया और मांगों के समर्थन में नारे लगाए। इस दौरान कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि अगर दो दिवसीय आंदोलन के बाद भी उनकी मांगों पर कार्रवाई न हुई तो आंदोलन को उग्र रूप से किया जाएगा। धरने का नेतृत्व कर रहे एसडीओ दुर्गेश सिंह ने कहा कि वर्ष 2000 में बीएसएनएल सेवा शुरू हुई थी। दूर संचार उपभोक्ताओं को विश्व स्तरीय संचार सेवा सस्ती दर पर उपलब्ध कराने के लिए किया गया था। कंपनी के कर्मचारियों की मेहनत की देन है कि ग्रामीण क्षेत्रों में जहां कोई कंपनी सेवा नहीं उपलब्ध करा सकती है। बीएसएनएल ने कर दिखाया है, मगर यहां तक पहुंचाने वाले कर्मचारियों पर सरकार ध्यान नहीं दे रही है। देश के कोने-कोने में बीएसएनएल के ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से आज डिजिटल का क्रियान्वन हो रहा है। इसमें बीएसएनएल के कर्मचारी पूरी तन्मयता से काम कर रहे हैं। बावजूद उनकी जरूरतों का ख्याल नहीं रखा जा रहा। उन्होंने कहा कि तीसरा वेतन संशोधन 10 वर्ष बाद भी नहीं हो पाया है, जिससे कर्मचारियों को उसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। बीएसएनएल के 66 हजार टावर हैं। उसके बावजूद सरकार के अलग सहायक टॉवर खोलने जा रही है, यह कर्मचारियों के हित में नहीं है। इस निर्णय को सरकार जल्द वापस ले। इस दौरान विनोद सिंह, अभिषेक सिंह, घनश्याम सिंह, परमात्मा तिवारी, विश्वनाथ यादव, चांदीराम आदि मौजूद रहे।