गोवर्धन पूजा के लिए एक घर के आंगन में बना गोबर का चौक।- स्रोत: ग्रामीण
श्रावस्ती। दीपोत्सव के बाद बुधवार को महिलाओं ने घर के आंगन में गाय के गोबर से चौक बनाकर गोवर्धन पूजा की। इसके बाद गाय की पूजा की गई। पंडित राधेश्याम पाठक ने बताया कि यह त्योहार द्वापर युग में हुई एक घटना के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने बताया कि देवराज इंद्र के अहंकार को दूर करने के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने लोगों को उनकी पूजा न करने की सलाह दी। इससे इंद्र ने क्रोधित होकर अतिवृष्टि कर दी। मूसलाधार बारिश से बचाने के लिए श्रीकृष्ण ने अपनी छोटी उंगली पर गोवर्धन पर्वत को उठाकर उसके नीचे लोगों को शरण दी। इससे लोग सुरक्षित रहे। तभी से गोवर्धन पूजा शुरू हुई। यह त्योहार हमें प्रकृति के प्रति समर्पण का भी संदेश देता है।