संयुक्त जिला चिकित्सालय में रखी पानी की टंकी के आसपास जम शैवाल
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श्रावस्ती। जिला अस्पताल आने वाले मरीज व तीमारदार दूषित जल पीने को मजबूर हैं। यहां लगा आरओ खराब होने व 27 माह बाद भी पानी की टंकी की सफाई न होने के कारण लोग गंदगी के बीच स्थापित हैंडपंप का दूषित जल पीने को विवश हैं। इसकी जानकारी के बाद भी स्वास्थ्य विभाग समस्या को नजर अंदाज कर रहा है।
जल ही जीवन है, दूषित जल संक्रामक बीमारियों की जननी है। यह सलाह देने वाला स्वास्थ्य विभाग इस बात को लेकर कितना गंभीर है। इसका प्रमाण संयुक्त जिला चिकित्सालय भिनगा जाकर देखा जा सकता है। यहां लगा आरओ विगत कई माह से खराब है। जिसकी मरम्मत नहीं कराई जा रही है। वहीं अस्पताल के विभिन्न वार्डों व शौचालय सहित स्नानागार में जलापूर्ति देने के लिए रखी गई पानी की टंकी की 27 माह बाद भी सफाई नहीं कराई गई। इतना ही नहीं इन टंकियों का ढक्कन खुला होने के कारण उसमें पक्षी व बंदर भी पानी पीते व नहाते हैं। इनमें विषैले जीव जंतुओं के जाने का खतरा बना हुआ है।
इतना ही नहीं सफाई न होने के कारण जहां टंकियों के अंदर व बाहर शैवाल की मोटी परत जमा हो गई है। वहीं अस्पताल की छत पर भी पानी भरा रहता है। ऐसे में इलाज के लिए आने वाले मरीज व तीमारदारों को परिसर में लगे सरकारी हैंडपंप का ही सहारा लेना पड़ रहा है। जिसके आसपास जलनिकासी व सफाई की व्यवस्था न होने के कारण गंदगी का अंबार लगा हुआ है। जहां लोग कीचड़ व जलभराव के बीच दूषित जल लेकर पीने को विवश है।
यही हाल लेबर रूम, ओपीडी सहित अस्पताल परिसर में लगे अन्य हैंडपंपों का भी है। जहां सफाई न होने के कारण लोग पानी पीने से कतरा रहे हैं। इतना ही नहीं यहां लगा हैंडपंप दूषित जल भी दे रहा है। ऐसे में मरीज व तीमारदारों को पीने के लिए पानी खरीदना पड़ रहा है। समस्या पर ध्यान न दिए जाने से मरीज व तीमारदारों में विभाग के प्रति नाराजगी देखी जा रही है। इस बारे में सीएमएस डॉ. जेता सिंह का कहना है कि जानकारी हुई है, तत्काल व्यवस्था सुधारी जाएगी।