नगर पंचायत से नगर पालिका बनी भिनगा में समस्याओं का अंबार, लोगों को नई सरकार से विकास की आस
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रावस्ती। नगर पंचायत से नगर पालिका बनी भिनगा में शामिल गांवों में दुश्वारियां आज भी बरकरार हैं। लोग मूलभूत सुविधाओं के लिए तरसते रहे हैं। ऐसे में लोगों को नगर की नई सरकार से चहुंमुखी विकास की आस है। वहीं नई सरकार के लिए इन वार्डों का कायाकल्प करना आसान न होगा। नई सरकार को भी इन वार्डों के विकास को चुनौती के रूप में लेना होगा।
नगर पंचायत भिनगा का सीमा विस्तार कर इसे सात वर्ष पूर्व नगर पालिका का दर्जा दिया गया था। जिसमें ग्राम पंचायत पूरे खैरी, टंड़वा बनकटवा, भिनगा देहात का पूरी तरह से विलय कर दिया गया। जबकि ग्राम पंचायत सिसवा, लक्ष्मनपुर इटवरिया व राजापुर रानी सहित वर्गा वर्गी के कुछ मजरों का विलय किया गया था। तब नगर में शामिल हुए ग्रामीणों में चमचमाती सड़क, रात में दूधिया रोशनी, नल से जल, नियमित नालियों व सड़क की सफाई की आस जगी थी। जो सात वर्ष बाद भी अधूरी ही रही। बल्कि उन्हें ग्राम पंचायत स्तर पर मिलने वाली सुविधाओं से भी वंचित होना पड़ा। ऐसे में निकाय चुनाव के बाद जहां नगर वासियों में नई सरकार से चहुंमुखी विकास की आस है। वहीं नई सरकार के लिए भी नगर का कायाकल्प करना किसी चुनौती से कम न होगा।
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नालियां चोक, हैंडपंप खराब, जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर
नगर पालिका परिषद भिनगा के गलकटवा निवासी अवधेश कुमार यादव का कहना है कि वार्ड में न तो बेहतर मार्ग है, न जल निकासी की व्यवस्था। पाइप लाइन बिछाना तो दूर वार्ड में खराब हैंडपंपों की मरम्मत तक नहीं हुई है। मार्ग पर लगे कूड़े के ढेर व्यवस्था का सच उजागर कर रहे हैं। अब्दुल कलाम नगर निवासी अनंतराम का कहना है कि वार्ड में सफाई व्यवस्था बदहाल है। नालियों की सफाई न होने से वह चोक हैं। वार्ड में लगे ज्यादातर हैंडपंप व स्ट्रीट लाइटें खराब हैं। जिन्हें बदला नहीं गया है। सिविल लाइन निवासी संजय तिवारी का आरोप है कि उनका वार्ड पांच वर्ष तक उपेक्षित रहा। एक जून को शेर बहादुर तिवारी की बेटी का विवाह है। जिनके घर के सामने नाली खोदकर छोड़ दी गई है। जिससे गली में जलभराव की समस्या है। ऐसा ही कहना नगर में शामिल अन्य गांवों के लोगों का भी है जो नई सरकार से विकास की आस लगाए हुए हैं।