श्रावस्ती। ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को अब रात को होने वाली बिजली कटौती से मुक्ति मिलेगी। इसके लिए पावर काॅर्पोरेशन की ओर से निर्देश जारी किए गए हैं। इससे नेपाल सीमा सहित जंगल से घिरे गांवों के लोगों को फायदा होगा।
जिले की 397 ग्राम पंचायतों में करीब 11 लाख की आबादी रहती है। मुख्यालय भिनगा नगर सहित सिरसिया, जमुनहा व हरिहरपुर रानी विकास क्षेत्र के करीब 150 गांव भिनगा, हरदत्त नगर ग्रंट, ककरदरी व सोहेलवा जंगल से सटे हुए हैं। वहीं जमुनहा, हरिहरपुर रानी, गिलौला व इकौना क्षेत्र की करीब 144 ग्राम पंचायतें राप्ती नदी की कछार में स्थित हैं। यहां रात में हिंसक व विषैले जीव-जंतुओं का खतरा रहता है। इन गांवों में अक्सर जंगल से निकलने वाले हिंसक जीव ग्रामीणों व उनके पालतू पशुओं को अपना शिकार बनाते रहते हैं।
ये घटनाएं गर्मियों में अधिक होती हैं क्योंकि पानी की तलाश में जंगल से निकलने वाले हिंसक जीव रात को आबादी में आकर लोगों को शिकार बनाते हैं। वहीं रात में होने वाली बिजली कटौती के कारण गर्मी से बेहाल ग्रामीण घरों के बाहर सोते हैं। इससे उन पर हमले का खतरा अधिक रहता है।
पावर काॅर्पोरेशन की ओर से तहसील मुख्यालयों सहित ग्रामीण क्षेत्रों में रात को होने वाली बिजली कटौती पर रोक लगाने का फरमान जारी किया गया है जिससे करीब 397 गांवों की करीब 11 लाख की आबादी को इसका फायदा मिलेगा। अधिशाषी अभियंता विद्युत डीपी सिंह का कहना है कि काॅर्पोरेशन की ओर से जो भी रोस्टर जारी होता है, उसी के अनुरूप अबाधित विद्युत आपूर्ति दिलाई जाएगी।