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Shravasti News: शाम होते ही पसर जाता सन्नाटा, ठंड में आवागमन का कोई साधन नहीं

Wed, 06 Dec 2023 11:58 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, श्रावस्ती
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श्रावस्ती। तराई में आवागमन के साधनों का अभाव ठंड में आम लोगों को भारी पडऩे लगा है। शाम छह बजे के बाद से मुख्यालय के लिए कोई सेवा न होने के कारण लोगों को सुबह तक का इंतजार करना पड़ रहा है। लगातार शिकायत करने के बावजूद इंतजाम न होने से लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।
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जिला के गठन के 26 वर्ष बाद भी भिनगा में न तो बस डिपो स्थापित हुआ और न ही स्वीकृति के बावजूद रेल लाइन बिछाई गई है। यहां पीपीपी माॅडल पर बनने वाले अंतरराष्ट्रीय स्तर के बस अड्डे का निर्माण भी अधर में लटका हुआ है। इकौना व गिलौला में भी बस अड्डा वजूद में नहीं आ सका है। ऐसे में लोगों को आवागमन के लिए निजी बसों व डग्गामार वाहनों का ही सहारा है।
सीमावर्ती क्षेत्र में सूर्यास्त के बाद मुख्यालय भिनगा, बलरामपुर व बहराइच के लिए कोई साधन न होने के कारण आपात स्थिति में लोगों को निजी वाहनों या फिर सुबह का इंतजार करना पड़ रहा है। बढ़ते ठंड व कोहरे के कारण लोगों की यह समस्या अब और विकट हो गई है।
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इन मार्गों से शाम के बाद नहीं मिलता कोई साधन
सीमावर्ती सिरसिया विकास क्षेत्र के ब्लाॅक मुख्यालय सिरसिया से भिनगा के लिए आखिरी बस शाम साढ़े छह बजे तो बलरामपुर के तुलसीपुर के लिए साढ़े चार बजे जाती है। इसके बाद सुबह साढ़े छह बजे तक कोई बस नहीं है। यही हाल क्षेत्र के लक्ष्मनपुर, जोखवा बाजार व तालबघौड़ा का भी है। जहां से भिनगा के लिए छह बजे के बाद कोई बस सेवा नहीं है। भिनगा व जमुनहा से परसा डेहरिया तक आने-जाने के लिए शाम चार बजे के बाद कोई बस नहीं है। जबकि भिनगा से बहराइच के लिए आठ बजे व जमुनहा से बहराइच के लिए साढ़े सात बजे के बाद कोई बस न होने से लोगों को आपात स्थिति में आवागमन के लिए निजी साधन अथवा बुकिंग के वाहनों का सहारा लेना पड़ता है।

इन मार्गों पर समस्या और भी विकट
भिनगा इकौना वाया सेमरी, भिनगा गिलौला वाया लक्ष्मण नगर, गिलौला खुटेहना, इकौना पयागपुर वाया मोहनीपुर, कटरा खरगूपुर, तिलपुर मल्हीपुर वाया भंगहा, लक्ष्मणपुर सिरसिया वाया बेचई पुरवा, सिरसिया ताल बघौड़ा वाया राजपुर सहित अन्य मार्गो पर बसों का संचालन ही नहीं होता। ऐसे में इन मार्गों पर लोगों को आवागमन के लिए डग्गामार वाहनों का ही सहारा है। जो पर्याप्त यात्री न होने अथवा कोहरा अधिक होने पर यात्रियों को गंतव्य तक ले जाने से मना कर देते हैं। इससे लोगों को पूरी रात मार्ग के किनारे ही गुजारनी पड़ती है।
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