मैन पावर की स्वीकृति न मिलने से सफेद हाथी साबित हो रहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र
संवाद न्यूज एजेंसी
श्रावस्ती। तराई के लक्ष्मनपुर क्षेत्र के लोगो को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा दिलाने की शासन की मंशा पर पानी फिर रहा है। यहां पद सृजित न होने के कारण जहां तीन वर्ष से निर्मित सीएचसी में ताला लटक रहा है। वहीं करीब एक वर्ष से पीएचसी में फार्मासिस्ट की तैनाती न होने के कारण क्षेत्रवासियों को बेहतर इलाज के लिए भिनगा का सहारा लेना पड़ रहा है।
सिरसिया विकास क्षेत्र का लक्ष्मनपुर बाजार क्षेत्र का प्रमुख कस्बा है। यहां से मुख्यालय भिनगा की दूरी 15 किलोमीटर तो ब्लॉक मुख्यालय सिरसिया की दूरी करीब 19 किलोमीटर है। बलरामपुर सीमा से सटे इस क्षेत्र के ज्यादातर गांव भिनगा जंगल के उस पार पड़ते हैं। जहां करीब तीन लाख की आबादी निवासरत है। यहां क्षेत्रवासियों को बेहतर इलाज के लिए आज भी भिनगा, सिरसिया व बलरामपुर के अस्पताल पर ही निर्भर रहना पड़ता है। समस्या से निजात के लिए तीन वर्ष पूर्व यहां स्थापित पीएचसी के स्थान पर सीएचसी का निर्माण कराया गया था। जिसका भवन बनकर पूरी तरह से तैयार है। इसके बावजूद यहां चिकित्सक व पैरामेडिकल स्टाफ के पद सृजित न होने के कारण अस्पताल में ताला लटक रहा है।
वहीं पूर्व से संचालित पीएचसी में तैनात फार्मासिस्ट का जून 2022 में अंतरजनपदीय स्थानांतरण हो गया था। जिसके प्रतिस्थानी की तैनाती न होने के कारण यहां मरीजों का इलाज करने के बाद फुर्सत मिलने पर चिकित्सा दवा का वितरण किया जाता है। ऐसे में मरीजें को दवा के लिए मेडिकल स्टोर का सहारा लेना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों ने डीएम व सीएमओ से हस्तक्षेप कर समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।