कटरा। महावीर बाबा थान परिसर में चल रहे श्री गणेश महोत्सव में बृहस्पतिवार को कलाकारों ने शिव विवाह का मंचन किया। प्रवाचक पंडित ओमप्रकाश मिश्रा ने बताया कि शिव-पार्वती विवाह वैराग्य और गृहस्थ जीवन के संतुलन का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सती के वियोग के बाद शिव समाधि में लीन हो गए। इसके बाद सती ने पार्वती के रूप में पुनर्जन्म लेकर शिव को पति रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की। प्रसन्न होकर शिव ने उन्हें स्वीकार किया। विवाह में शिव भस्म रमाए, नागों की माला और बाघंबर धारण कर नंदी पर सवार होकर पहुंचे। उनकी बारात में भूत-प्रेत, पिशाच, अघोरी और नागा साधु शामिल थे। शिव-पार्वती का विवाह वैदिक रीति से संपन्न हुआ। कार्यक्रम में अनोखीलाल पाठक, जवाहर दास, धनीराम, बनवारी लाल यादव, पवन गुप्ता आदि मौजूद रहे।