कथा के दौरान नंद व यशोदा की झांकी निकालते कलाकार।
कटरा। इकौना क्षेत्र के ग्राम गोमदापुर में भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा के चौथे दिन बुधवार को प्रवाचक आचार्य विनय महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि कंस ने अपने पिता उग्रसेन को बलपूर्वक राजा के पद से हटाकर स्वयं राजा बन गया। वहीं, अपनी बहन देवकी और जीजा वसुदेव को कारागार में बंद कर दिया। इसके बाद वह देवकी व और वसुदेव के छह पुत्रों का निर्ममता से वध कर दिया। हालांकि सातवीं संतान को योगमाया ने संकर्षित कर माता रोहिणी के गर्भ में पहुंचा दिया। इसलिए ही बलराम को संकर्षण भी कहा जाता है। आकाशवाणी के अनुसार, माता देवकी की आठवीं संतान रूप में स्वयं भगवान विष्णु श्रीकृष्ण अवतार के रूप में पृथ्वी पर जन्मे थे। उसी समय माता यशोदा ने एक पुत्री को जन्म दिया। इस मौके पर ओमप्रकाश पांडेय, राजेश कुमार मिश्रा, सहजराम बाबा, सुरेश कुमार तिवारी, रितेश तिवारी, उमानाथ तिवारी आदि मौजूद रहे।