श्रावस्ती। गिलौला विकासखंड के बंतवारा गांव में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन अयोध्या की हनुमानगढ़ी से आए कथा व्यास डॉ. महेश दास ने कंस वध और कृष्ण-रुक्मिणी विवाह का प्रसंग सुनाया। इस दौरान बच्चों ने राधा-कृष्ण और रुक्मिणी की झांकी प्रस्तुत कर तालियां बटोरीं। कथा व्यास ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने कंस का वध केवल उसके अत्याचारों से संसार को मुक्त कराने के लिए नहीं, बल्कि उसे मुक्ति प्रदान करने के लिए भी किया। ईश्वर के प्रत्येक कार्य में समस्त प्राणियों का कल्याण निहित होता है। कथा के दौरान स्तुति और अवंतिका ने कृष्ण-रुक्मिणी का स्वरूप धारण कर विवाह की मनोहारी झांकी प्रस्तुत की। मुख्य यजमान विनोद मिश्र और कमला मिश्रा ने रुक्मिणी का कन्या पूजन किया। इस दौरान श्रद्धालु मौजूद रहे।