कटरा में नेत्र पट्टिका खोलते इकौना नगर पंचायत अध्यक्ष
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श्रावस्ती। भिनगा के व्यास भवन व शंकरी सिंह चौराहा सहित इकौना व तुलसीपुर स्थित ब्रह्मदेव स्थान सहित महावीर स्थान कटरा व गिलौला सहित जिले के अन्य स्थानों पर श्री गणेश पूजन महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। जिसकी शुरुआत बुधवार को नेत्र पट्टिका खुलने के साथ हुई।
महावीर स्थान कटरा में नेत्रपट्टिका खुले के साथ ही इकौना नगर पंचायत अध्यक्ष जीतेंद्र गुप्ता ने गजानन की आरती की। इस दौरान उन्होंने कहा कि हिंदू संस्कृति और पूजा में भगवान श्रीगणेश को सर्वश्रेष्ठ स्थान दिया गया है। प्रत्येक शुभ कार्य में सबसे पहले भगवान गणेश की ही पूजा अनिवार्य बताई गई है। देवता भी अपने कार्यों को बिना किसी विघ्न से पूरा करने के लिए गणेशजी की अर्चना सबसे पहले करते हैं। ऐसा इसलिए है क्योंकि देवगणों ने स्वयं उनकी अग्रपूजा का विधान बनाया है।
शास्त्रों में एक बार जिक्र आता है कि भगवान शंकर त्रिपुरासुर का वध करने में जब असफल हुए, तब उन्होंने गंभीरतापूर्वक विचार किया कि आखिर उनके काम में विघ्न क्यों पड़ा। तब महादेव को ज्ञात हुआ कि वह गणेशजी की अर्चना किए बिना त्रिपुरासुर से युद्ध करने चले गए थे। इसके बाद शिवजी ने गणेशजी का पूजन करके उन्हें लड्डुओं का भोग लगाया। इसके बाद पुन: त्रिपुरासुर पर प्रहार किया, तब उनका मनोरथ पूर्ण हुआ।
वहीं भिनगा के व्यास भवन पर आयोजित कार्यक्रम में कथा व्यास पंडित राकेश कुमार मिश्र ने कहा कि सनातन एवं हिंदू धर्म शास्त्रों में भगवान गणेश जी को विघ्नहर्ता अर्थात सभी तरह की परेशानियों को खत्म करने वाला बताया गया है। पुराणों में गणेशजी की भक्ति शनि सहित सारे ग्रहदोष दूर करने वाली बताई गई है। प्रत्येक बुधवार को गणेशजी की उपासना से व्यक्ति का सुख-सौभाग्य बढ़ता है तथा उसकी सभी तरह की रुकावटें दूर होती हैं। इस दौरान भक्तों द्वारा किए गए उद्घोष गणपति बप्पा मोरया से पूरा पंडाल गुंजायमान रहा। इस मौके पर काफी संख्या में लोग मौजूद रहे।