श्रावस्ती। तराई में सुबह से आग उगल रही सूरज की किरणों ने लोगों को घरों में दुबकने को मजबूर कर दिया है। वहीं सूरज की तपन से बेपरवाह किसान धान की नर्सरी डालने की तैयारी में जुटे हैं। इसके बावजूद अन्नदाताओं का हौसला सूरज की तपन कम नहीं कर पा रहा है।
तराई में मौसम का मिजाज गर्म हो चुका है, सुबह नौ बजे से ही तपन का अहसास देर रात तक हो रहा है। तापमान 42 डिग्री सेल्सियस जा चुका है। तपन का यह आलम है कि चाहे मार्ग हो या बाजार सुबह 11 बजे के बाद चारों तरफ सन्नाटा पसर जाता है। वहीं इसके विपरीत किसान बेहतर पैदावार की आस में मौसम की परवाह किए बगैर न सिर्फ खेत की जोताई कर रहा है बल्कि धान की नर्सरी डालने के लिए खेत तैयार करने में जुटा है।
जिन किसानों ने नर्सरी डाल दी है वे उसे मवेशियों से बचाने के लिए सारा दिन खेत की रखवाली करते नजर आ रहे हैं। किसानों के बुलंद हौसले देख लाल हो रहे सूरज की किरणें भी हार मान रही है।