श्रावस्ती। शिकायत निस्तारण में जिले को प्रदेश में 10वां स्थान मिला है। रैंकिंग शुक्रवार को जारी की गई। दो वर्ष के अंदर यह पहला मौका है, जब जिला आईजीआरएस पर आईं शिकायतों के निस्तारण में इस स्थान पर पहुंचा है। इससे पूर्व जिला टापटेन से बाहर रहता था।
जिले में शिकायतों के निस्तारण की गति पहले से तेज हुई है। यही नहीं ऑफलाइन मिलने वाले आवेदनों को भी कलेक्ट्रेट में ऑनलाइन किया जाता है। ऐसे में ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों आवेदकों की समीक्षा आईजीआरएस के तहत होती है। राज्य सरकार ने आईजीआरएस के तहत निस्तारित शिकायतों की सूची शुक्रवार को जारी की। इसमें श्रावस्ती को प्रदेश में 10वीं रैंकिंग मिली है।
इस संबंध में एडीएम डीपी सिंह ने बताया कि समीक्षा में प्रदेश स्तर पर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, आईजीआरएस पोर्टल व अन्य ऑनलाइन शिकायतों के संदर्भों का निस्तारण गुणवत्ता पूर्वक करना पड़ता है। इसमें उन्हीं शिकायतों को निस्तारित माना जाता है, जिनका फीडबैक पीड़ित सकारात्मक देता है। यदि पीड़ित निस्तारण से संतुष्ट नहीं है तो वह अपना फीडबैक नकारात्मक देता है। इसके बाद दोबारा जांच के लिए भेजा जाता है। लेकिन जिले में अधिकतर शिकायतों की जांच से पीड़ित संतुष्ट मिले हैं।
डीएम नेहा प्रकाश ने टाॅप टेन में शामिल होने पर अधिकारियों को बधाई दी। लेकिन रैंकिंग में प्रथम स्थान पर पहुंचाने को कहा। उनका कहना है कि समीक्षा प्रतिमाह होती है इसलिए शिकायतों का निस्तारण जितना गुणात्मक हो सके, उतना अच्छा है। यदि पीड़ित संतुष्ट है तो रैंकिंग अच्छी आएगी। पीड़ितों को संतुष्ट करने में पूरा ध्यान अधिकारी लगाएं।