गंध कुटी में माैजूद म्यांमार के बौद्ध अनुयायी।
कटरा। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती बृहस्पतिवार को म्यांमार से आए अनुयायियों के 30 सदस्यीय दल से गुलजार रही। सभी अनुयायियों ने बौद्ध भिक्षु भंवरानंद के नेतृत्व में पारंपरिक तरीके से कौशामकुटी व गंधकुटी का दर्शन-पूजन किया। इस दौरान आयोजित बौद्ध सभा में भिक्षु ने कहा कि महात्मा बुद्ध का जीवन और उनके उपदेश आज भी विश्वभर में लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उनका जीवन शांति, अहिंसा, करुणा और आत्मज्ञान की मिसाल प्रस्तुत करता है। बुद्ध के विचार और उनकी किताबें त्रिपिटक, धम्मपद, जातक कथाएं और महावग्ग हमें आत्म-नियंत्रण, संतुलित जीवन और समाज के प्रति दया व करुणा की भावना अपनाने की प्रेरणा देती हैं। भ्रमण के दौरान अनुयायियों ने सभा मंडप, सूर्यकुंड, शिवली स्तूप, राहुल कुटी, संघमित्रा कुटी, संघाराम बुद्ध विहार आदि के इतिहास की जानकारी ली। इस दौरान आनंद सागर, माता विद्यावती, देवानंद, नाग लोक आदि मौजूद रहे।