गंध कुटी में पूजा करते अनुयायी। - संवाद
कटरा। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती रविवार को थाईलैंड से आए 40 अनुयायियों से गुलजार रही। सभी ने बौद्ध भिक्षु भंवरानंद के नेतृत्व में गंधकुटी पर पारंपरिक विधि-विधान से फूल पूजा की। इस दौरान बौद्ध भिक्षु भंवरानंद ने कहा कि अध्यात्म मनुष्य का दुख दूर नहीं करता, बल्कि केवल यह जानकारी देता है कि संसार में हर वस्तु परिवर्तनशील है। इसलिए दुख की अवस्था भी अवश्य बीतेगी और सुख आएगा। अनुयायियों ने बौद्ध तपोस्थली के विभिन्न स्थलों का भ्रमण कर उनके इतिहास की जानकारी भी ली।