श्रावस्ती। वर्तमान समय में समाज में टीबी तेजी से फैल रहा है। एहतियात बरत कर हम इससे आसानी से बच सकते हैं। इसके लिए हमें इसका लक्षण दिखने पर तत्काल चिकित्सकों से परामर्श लेने के साथ ही इसका पूरा इलाज करना होगा। तभी हम टीवी को जड़ से मिटा सकेंगे। ये बातें जिला क्षय रोग केंद्र में गुरुवार को सीएमओ डाॅ. एसपी तिवारी ने कही। उन्होंने बताया कि टीबी मरीजों की पहचान हम लक्षणों के आधार पर आसानी से कर सकते है। टीबी के बारे में सभी आम जनमानस को जागरूक होना चाहिए, जिससे हम सभी श्रावस्ती को टीबी मुक्त कर टीबी मुक्त भारत के सपने को पूरा कर सकें। टीबी के लक्षणों के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि दो सप्ताह या अधिक समय से खांसी, दो सप्ताह या अधिक समय से बुखार आना, बलगम में खून आना, सीने में दर्द होना, वजन का कम होना, भूख न लगना और रात में पसीना होना टीबी के प्रमुख लक्षण हैं। जिला क्षय रोग अधिकारी डाॅ. संत कुमार ने कहा कि टीबी का नियमित और पूरे समय तक इलाज न लेने पर टीबी की बीमारी और जटिल हो जाती है। जिसे एमडीआर एवं एक्सडीआर टीबी कहा जाता है। जिसका उपचार 9 से 18 माह तक चलता है।
जिला कार्यक्रम समन्वयक रवि कुमार मिश्र ने बताया कि वर्ष 2022 में कुल लक्ष्य के सापेक्ष 1953 मरीज सरकारी एवं कुल 12 मरीज निजी स्वास्थ्य सेवा द्वारा चिन्हित किए गए है। जिनका इलाज चल रहा है। इस दौरान सौरभ कटियार, गौरव सिंह, अनूप श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। संवाद