कटरा (श्रावस्ती)। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती बुधवार को अनुयायियों से गुलजार रहीं। थाईलैंड से आए अनुयायियों ने बौद्ध भिक्षु राहुल के नेतृत्व में गंधकुटी पर विश्व शांति के लिए विशेष प्रार्थना की। इस दौरान बौद्ध भिक्षु ने कहा कि बुद्ध ने अपने जीवनकाल में सबसे ज्यादा वर्षावास श्रावस्ती में ही बिताए।
बौद्ध ग्रंथों के अनुसार एक वर्ष में यह एकमात्र समय होता है जब कोई बौद्ध भिक्षु एक ही स्थान पर लगातार दो से ज्यादा रातें बिता सकता है। बुद्ध को बोधगया में ज्ञान की प्राप्ति हुई थी और फिर वह गंगा घाटी की तरफ निकलकर निर्वाण का ज्ञान बांटने लगे थे। जिसकी वजह से 90 हजार से ज्यादा लोगों ने बौद्ध धर्म स्वीकार कर लिया था। पूजन के बाद बौद्ध अनुयायियों ने तपोस्थली का भ्रमण कर ऐतिहासिक जानकारी प्राप्त कीं।