कटरा (श्रावस्ती)। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती रविवार को बौद्ध अनुयायियों से गुलजार रही। कोरिया से आए बौद्ध अनुयायियों ने आनंद बोधि पर भिक्षु देवानंद के नेतृत्व में विशेष पूजा की। उनके द्वारा किए गए उद्घोष के कारण समूची तपोस्थली बुद्धम् शरणम् गच्छामि से गूंजायमान रही। भिक्षु देवानंद ने कहा कि श्रावस्ती में पूजा करने से मनुष्य के दुखों का निवारण होता है।बौद्ध अनुयायियों के प्रार्थना स्थल या उपासना स्थल मठों को विहार कहते हैं। विहारों में बुद्ध प्रतिमा होती है। विहार में बौद्ध भिक्षु निवास करते हैं। बुद्ध के अनुसार मानव जीवन दुखों से परिपूर्ण है। संसार में प्रिय लगने वाली वस्तुओं कि इच्छा को त्यागना ही दुख निरोध के मार्ग कि ओर ले जाता है। चौथे आर्य सत्य में बुद्ध ने दु:ख निरोध के मार्ग को बताया है। बुद्ध ने अष्टांगिक मार्ग को इसके लिए उपयुक्त बताया। इस मौके पर काफी संख्या में उपासक मौजूद रहें। संवाद