गंध कुटी में पूजा करते बौद्ध अनुयायी।
कटरा। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती मंगलवार को श्रीलंका से आए अनुयायियों के 25 सदस्यीय दल से गुलजार रही। सभी अनुयायियों ने बौद्ध भिक्षु भंवरानंद के नेतृत्व में पारंपरिक तरीके से बोधि वृक्ष का दर्शन-पूजन किया। इस दौरान आयोजित बौद्ध सभा में भिक्षु भंवरानंद ने कहा कि मनुष्य को क्रोध से सजा मिलती है, क्रोध की सजा नहीं। हजारों लड़ाइयों के बाद भी मनुष्य तब तक नहीं जीत सकता, जब तक वो अपने ऊपर विजय प्राप्त न कर ले। ऐसे में हमें लक्ष्य से अधिक अपनी यात्रा पर ध्यान देना चाहिए। पूजन के बाद अनुयायियों ने श्रावस्ती के ऐतिहासिक स्थलों कौशांबी कुटी, सूर्यकुंड, सभा मंडप, गंध कुटी, राहुल कुटी, संघा बुद्ध विहार, कच्ची कुटी का भ्रमण कर उनके इतिहास की जानकारी ली। इस दौरान बौद्ध भिक्षु आनंद सागर, नाग लोक, धम्म सागर, गाना लोक आदि मौजूद रहे।