बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती स्थित गंध कुटी में दर्शन-पूजन करते श्रीलंका के अनुयायी
कटरा। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती रविवार को श्रीलंका से आए 40 अनुयायियों से गुलजार रही। बौद्ध भिक्षु दीपालोक महाथेरो के नेतृत्व में दल ने पारंपरिक तरीके से गंध कुटी में फूल पूजा की। इस दौरान बौद्ध सभा भी हुई। भिक्षु दीपालोक महाथेरो ने भगवान बुद्ध और भिक्षु चक्षुपाल की कथा सुनाई। बताया कि चक्षुपाल अंधे थे। विहार में उनकी कुटी के बाहर मरे कीड़े मिलने पर भिक्षुओं ने उन पर हत्या का आरोप लगाया। बुद्ध ने कहा कि बिना देखे आरोप लगाना उचित नहीं है। चक्षुपाल पूर्व जन्म में चिकित्सक थे। बदले की भावना से एक अंधी महिला को दोबारा अंधा करने के पाप के कारण उन्हें अगले जन्म में अंधापन मिला।