श्रावस्ती। बौद्ध तपोस्थली रविवार को अनुयायियों से गुलजार रही। श्रीलंका, थाईलैंड, नेपाल, वियतनाम व महाराष्ट्र से आए बौद्ध अनुयायियों ने बौद्ध भिक्षु देवानंद के नेतृत्व में आनंद बोधि पर विशेष प्रार्थना की। इस दौरान बौद्ध भिक्षु देवानंद ने कहा कि जो भी लोग तपोस्थली में आते हैं उनकी मनोकामना अवश्य पूर्ण होती है। जो मनोयोग से जेतवन परिसर में पूजा करते हैं उनका जीवन सफल होता है। भगवान बुद्ध ने श्रावस्ती में 25 वर्ष बिताकर यहां की धरती को पूर्ण कर दिया। इसलिए यह धरती स्वच्छ एवं पवित्र है। इस दौरान समूची तपोस्थली बुद्धम शरणम गच्छामि, संघम शरणम गच्छामि, धम्मम शरणम गच्छामि के उद्घोष से गुंजायमान रही।