श्रावस्ती। सत्र न्यायालय परिसर की सुरक्षा का जिला जज, डीएम व एसपी ने शुक्रवार को जायजा लिया। अधिवक्ता संघ के साथ मंत्रणा की और बंदीगृह के साथ कई स्थानों पर टीन शेड लगाने का आदेश दिया। इस दौरान गेट पर सीसीटीवी के साथ स्कैनर नहीं मिला।
दरअसल, लखनऊ न्यायालय परिसर में हत्या के बाद प्रशासन की नींद खुली हैं। शुक्रवार को जिला न्यायाधीश देवेंद्र सिंह, डीएम कृतिका शर्मा और एसपी प्राची सिंह न्यायालय पहुंचे। अधिवक्ताओं ने बताया की मुख्य गेट पर सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं है। गेट पर न तो सीसीटीवी हैं न स्कैनर का इंतजाम। बेरोकटोक लोग न्यायालय परिसर में प्रवेश करते हैं। जिला न्यायाधीश ने इसे गंभीरता से लेकर परिसर में अवांछित लोगों को प्रवेश न देने का आदेश दिया है।
अधिकारियों ने न्यायालय परिसर में लगे मेटल डिटेक्टर, स्कैनर मशीन व सीसीटीवी कंट्रोल रूम आदि सुरक्षा उपकरणों का भी निरीक्षण किया। एसपी ने ड्यूटी में लगे पुलिस बल को सतर्कता के साथ ड्यूटी करने व सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने का आदेश दिया है। इस मौके पर जिला जज ने न्यायालय परिसर में स्थित बंदीगृह के बाहर छाया के लिए हेतु शेड लगाने, पेयजल, न्यायालय परिसर एवं बाहर की साफ-सफाई हेतु संबंधित अधिकारी को निर्देश दिया है।
इस मौके पर सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण व अपर जिला जज अजय सिंह प्रथम, प्रभारी सीजेएम असगर अली के साथ माॅडल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष ओमप्रकाश शुक्ल सहित अन्य अधिकारी व अधिवक्ता मौजूद रहे।