कटरा (श्रावस्ती)। बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती एक नया कीर्तिमान स्थापित करने जा रही है। यहां सात से नौ नवंबर तक आयोजित होने वाले प्रांतीय युग सृजेता समारोह में एक साथ चौबीस हजार दीपक जलाने का रिकॉर्ड बनेगा।
तथागत भगवान बुद्ध की तपोस्थली व जैन तीर्थंकर संभवनाथ की जन्म स्थली श्रावस्ती एक नया इतिहास रचने जा रही है। इसमें अब गायत्री परिवार का नाम भी शामिल होगा। अखिल विश्व गायत्री परिवार की ओर से यहां सात से नौ नवंबर तक प्रांतीय युग सृजेता समारोह आयोजित किया जाएगा। इसमें अखिल भारतीय गायत्री परिवार के प्रमुख प्रणव पांड्या व देव संस्कृति विश्वविद्यालय हरिद्वार के प्रति कुलपति डॉ. विनय पांड्या की उपस्थिति में एक साथ चौबीस हजार दीपक जलाने का रिकॉर्ड भी बनेगा। कार्यक्रम के दौरान बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती बौद्ध, जैन व गायत्री परिवार का संगम स्थली भी बनेगी। गायत्री परिवार की ओर से वर्मा मंदिर से लेकर चक्र भंडार तक करीब तीन किमी. की परिधि में पीले वस्त्रों में सजे युवाओं को तैनात किया जाएगा।
समारोह में 15 से 45 वर्ष के कार्यकर्ता ही प्रतिभाग कर सकेंगे। इसके लिए प्रदेश के प्रत्येक जिले से 50 से 100 कार्यकर्ता बुलाए गए हैं। ये दस हजार युवा भारतीय संस्कृति का ध्वज लेकर राष्ट्रवाद की अलख जगाएंगे। यहां प्रदेश के विभिन्न जिलों के हस्तशिल्प, कुटीर उद्योग और संस्कृति के माध्यम से लघु भारत की छटा दिखाने का प्रयत्न किया जाएगा। कार्यक्रम के केंद्रीय प्रतिनिधि आशीष सिंह ने बताया कि समारोह के माध्यम से स्वस्थ युवा सबल राष्ट्र, स्वावलंबी युवा संपन्न राष्ट्र, सेवा भावी युवा सुखी राष्ट्र की परिकल्पना को साकार करने का प्रयास होगा।