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बाढ़ के बाद एईएस और डेंगू का कहर

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श्रावस्ती। बाढ़ के बाद जलभराव व धान के खेतों में आई नमी के कारण जिले में मच्छर जनित बीमारियों का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। इसके चलते ही हर दिन बढ़ी संख्या में बुखार पीड़ित इलाज के लिए सरकारी व निजी अस्पतालों की ओपीडी में पहुंच रहे हैं। बीते 48 घंटे के दौरान हुई 964 बुखार पीड़ितों की जांच में से 81 में डेंगू, टाइफाइड व एईएस की पुष्टि हुई है। इसमें 3 मरीजों में डेंगू, 63 में टाइफाइड, 8 में स्क्रप टाइफस (तेज बुखार) व सात मरीजों में एईएस (एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम) पाया गया। सरकारी अस्पतालों में डेंगू की जांच किट का टोटा इस परेशानी को और बढ़ा रहा है। केवल रिजर्व किट से आशंकित मरीजों की जांच हो पा रही है। जिले में अब तक डेंगू से एक बच्ची की मौत हो चुकी है।
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जिले के सरकारी अस्पतालों में बुखार पीड़ितों की विशेष जांच में इस्तेमाल होने वाली किट भी उपलब्ध नहीं है। बीते 48 घंटे में हुई जांच के जो आंकड़े सामने आए हैं वह मरीजों की रिजर्व किट से हुई जांच के हैं। यह किट शुक्रवार को जिले को प्राप्त हुई है। सीएचसी व पीएचसी में इस किट का वितरण शनिवार से शुरू किए जाने के बाद अब सोमवार से डेंगू से लेकर अन्य बुखार पीड़ितों के आंकड़े का ग्राफ तेजी से ऊपर चढ़ेगा।
गिलौला के तुलसीपुर निवासी संजीव मिश्र पुत्र भागवत प्रसाद मिश्र की 2 वर्षीय बच्ची सिद्धि मिश्रा को 14 अक्टूबर को तेज बुखार आया था। परिजन उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल ले कर पहुंचे थे, जहां उन्हें दवा लेकर वापस घर भेज दिया गया। जांच में बच्ची में डेंगू की पुष्टि भी हुई। बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
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डेंगू से संक्रमित मरीजों की संख्या तीन ही है, लेकिन एईएस से संक्रमित मरीजों की संख्या संयुक्त जिला किचकित्सालय में सात है। यह संक्रमण डेंगू से ज्यादा खतरनाक बताया जा रहा है। इसमें मरीज के शरीर का तापमान 104 डिग्री से ऊपर रहता है। इसकी जांच किट भी अभी तक जिले में उपलब्ध नहीं है। दूसरी तरफ बुखार पीड़ित मरीजों की संख्या जिला अस्पताल समेत अन्य सरकारी व निजी अस्पतालों में लगातार बढ़ती जा रही है।
बुखार पीड़ितों की जांच के लिए पर्याप्त मात्रा में जांच किट मिल चुकी हैं। रोग का लक्षण देखते ही पीड़ित नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाकर चिकित्सक को दिखाए। सभी सीएचसी पीएचसी में भी जांच व इलाज की पूरी सुविधा के साथ जरूरी दवाएं भी मुहैया हैं।
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डा. एसपी तिवारी, सीएमओ
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